बहल। हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए आई एक प्राइवेट कंपनी की विश्वसनीयता को लेकर बवाल मच गया। कंपनी ने जिस कर्मचारी को युवाओं के साक्षात्कार के लिए भेजा था उसने न तो स्थानीय प्रशासन से अनुमति ली और न ही पुलिस को सूचित किया। ऐसे में पुलिस, प्रशासन की ऐसी भर्ती की अनभिज्ञता पर साक्षात्कार के लिए आए सैकड़ों युवाओं ने जमकर बवाल काटा। बाद में पुलिस उक्त कर्मचारी को अपनी सुरक्षा में लेकर पुलिस थाने लेकर आई।
युवाओं ने कंपनी द्वारा फर्जी भर्ती के नाम पर पैसे ऐंठने का आरोप लगाते हुए पुलिस को लिखित शिकायत दी। बुधवार को पहले से दी गई सूचना के आधार पर सिक्योरिटी गार्ड व सुपरवाइजर के पदों पर भर्ती के लिए साक्षात्कार के लिए सैकड़ों युवक खंड विकास कार्यालय में पहुंचे। वहां पर एक निजी कंपनी के कर्मचारी के अलावा दो अन्य लोग (एक महिला व एक पुरुष) मौजूद थे। जब साक्षात्कार देने आए युवाओं ने उक्त लोगों से उक्त भर्ती के लिए स्थानीय प्रशासन का अनुमति पत्र दिखाने को कहा तो उनमें से एक महिला व एक पुरुष वहां से खिसक लिए। लेकिन, एक निजी कंपनी का कर्मचारी वहां पर डटा रहा। इस पर युवा उग्र हो गए व उक्त युवक को तहसील कार्यालय के बाहर ही बैठा लिया और पुलिस को सूचित किया कि उनको अनुमान है कि यह कंपनी सही नहीं है, महज युवाओं से पैसे ऐंठने के लिए ऐसा स्वांग रचा है।
कंपनी के कर्मचारी ने कहा कि उसके मोबाइल में एडीसी द्वारा दिया गया अनुमति पत्र है, लेकिन साक्षात्कार देने आए युवाओं ने कहा कि अगर उसके पास स्थानीय प्रशासन का कोई अनुमति पत्र है तो दिखाए। इसके अलावा अगर प्रशासन या पुलिस यह आश्वासन देता है कि यह भर्ती सही है तो उनको कोई एतराज नहीं है। युवाओं ने कहा कि उनको गलत तरीके से गुमराह किया गया है। बाद में नायब तहसीलदार और पुलिस कर्मचारी मौके पर आए। युवाओं की तरफ से कविता आर्य, एडवोकेट अशोक आर्य, योगेश मेचू, कुलदीप गोस्वामी, अमर सोलंकी ने कहा कि वे कैसे विश्वास करें कि कंपनी की भर्ती सही है और युवाओं के साथ किसी प्रकार की धोखाधड़ी नहीं होगी।
22 सितंबर को आई थी भर्ती की खबर
हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत निजी कंपनी द्वारा सिक्योरिटी गार्ड, सुपरवाइजर के पद पर भर्ती के लिए युवाओं के साक्षात्कार आयोजित करने की खबर 22 सितंबर को प्रकाशित हुई थी। इसमें जिले भर में अलग अलग दिन साक्षात्कार आयोजित किया जाना था। लेकिन, जब 23 सितंबर को पहला साक्षात्कार कार्यक्रम बहल में आयोजित हुआ तो इसमें ही बवाल मच गया। युवाओं ने जब कंपनी द्वारा भर्ती किए जाने की विश्वसनीयता के बारे में स्थानीय पुलिस, प्रशासन से जानकारी ली तो उन्होंने ऐसी भर्ती के बारे में अनभिज्ञता जाहिर की। इस पर ही युवाओं में रोष पनप गया कि उनको झूठी जानकारी देकर उनका समय बर्बाद करवा दिया।
कंपनी कर्मचारी को पुलिस ले गई तो थाने में हुआ हंगामा
युवाओं की उमड़ी भीड़ के बीच जब पुलिस उक्त कंपनी के कर्मचारी को अपने साथ पुलिस थाना में लेकर आई तो युवाओं की भीड़ पीछे पीछे थाना पहुंच गई। यहां पर पुलिसकर्मियों ने युवाओं को थाने के बाहर रोकने का प्रयास किया तो हंगामा खड़ा हो गया। बाद में युवा पुलिस थाने में बने लॉन में बैठ गए और नायब तहसीलदार व पुलिस कर्मचारियों ने उक्त कंपनी कर्मचारियों से पूछताछ की। उक्त कर्मचारी ने स्थानीय पुलिस, प्रशासन से अनुमति नहीं लिए जाने की गलती मानी और कहा कि वे ऐसा शिविर हिसार व अन्य जगहों पर आयोजित कर चुके हैं वहां कोई ऐसी बात नहीं हुई।
भर्ती के लिए आए कंपनी के कर्मचारी को पकड़ कर ले जाती पुलिस। संवाद न्यूज एजेंसी- फोटो : Bhiwani