दिव्यांग खिलाड़ी मोनू घणघस को बधाई देते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी।
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गांव सुखपुरा निवासी अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक खिलाड़ी मोनू घणघस की नियुक्ति हरियाणा खेल विभाग में खेल उपनिदेशक के पद पर हुई है। मोनू घणघस ने दिव्यांग होते हुए जज्बे के साथ खेल की दुनिया में अपना कदम रखा और जिला, स्टेट व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का परिचय देते हुए देश का नाम रोशन किया।
मोनू की प्रतिभा की बदौलत हरियाणा सरकार ने पदक लाओ पद पाओ के तहत उन्हें खेल विभाग में उपनिदेशक के पद पर नियुक्त किया है। मोनू घणघस के सिर से बचपन में ही मां का साया उठ गया था। दादी ने उनका पालन पोषण किया। वर्ष 2014 में बुखार के कारण उनके दोनों नेत्रों की ज्योति चली गई थी, लेकिन उन्होंने विकट परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी और पैरा एशियन 2018 के खेलों में रजत व कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। वर्ष 2018 में दुबई में जैवलिन थ्रो में 15 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़कर मोनू घणघस ने एशियन रिकॉर्ड अपने नाम किया और वर्ल्ड रैंकिंग में प्रथम स्थान पाया। मोनू घणघस ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी दादी सावित्री देवी, पिता, बड़े भाई व प्रशिक्षकों को दिया है।