दिल्ली से पुलिस कंट्रोल रूम में आई भट्ठे पर प्रवासी मजदूरों को बंधक बनाने की सूचना पर सदर थाना पुलिस ने दौड़ लगाई। जांच की तो पाया कि कोई ठेकेदार भट्ठा मालिकों से साढ़े चार लाख रुपये ले गए और लेबर दी। वहां कार्यरत किसी मजदूर ने पुलिस को शिकायत नहीं दी है। फिलहाल पुलिस कुछ मजदूरों को अपने साथ लेकर आई और भट्ठा संचालकों को भी हिदायत दी कि यदि इनमें से कोई अपने गांव जाना चाहता है तो उसके लिए गाड़ी की व्यवस्था कर भेजा जाए। वहीं पुलिस का कहना है कि भट्ठा संचालक अगर कोई शिकायत करते है तो रुपये ले जाने वाले ठेकेदार के खिलाफ शिकायत की जाएगी।
मामला शुक्रवार सुबह का है। किसी ने दिल्ली से पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना दी कि बामला और कायला गांव के बीच के मार्ग पर चल रहे भट्ठे पर मजदूर परिवारों को बंधक बनाया हुआ है। कुछ समय बाद लिखित शिकायत भी विभिन्न ग्रुपों में भेजी गई। जिसमें उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के एक गांव वासी ने बताया कि वह मजदूर है और अनुसूचित जाति से संबंध रखता है। वे भट्ठों पर ईंट पथाई का काम करते है। वे अपने परिवार सहित 448 रुपये प्रति मजदूर प्रति दिन के हिसाब से भट्ठे पर काम कर रहे है। भट्ठा मालिक ने पिछले आठ दिन से उनके परिवार के सदस्यों को बंधक बना रखा है। मारपीट कर जबरन काम करवाया जाता है। सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और भट्ठे पर काम कर रहे मजदूरों से बातचीत की। कुछ मजदूरों को अपने साथ सदर थाने भी लाई। साथ ही भट्ठा मालिक को हिदायत दी कि यदि कोई मजदूर वापस अपने गांव जाना चाहता है तो उसे भेजा जाए। प्राथमिक जांच में सामने आया कि ये मजदूर किसी ठेकेदार के माध्यम से यहां आए है और ठेकेदार ने भट्ठा संचालकों से साढ़े चार लाख रुपये लिये। मजदूरों ने पुलिस के समक्ष किसी तरह की शिकायत नहीं की।
मामले में सदर थाना प्रभारी राकेश कुमार ने बताया कि कंट्रोल रूम से मिली सूचना के आधार पर भट्ठा पर जाकर जांच की है। ये मजदूर किसी ठेकेदार के माध्यम से यहां आए हुए है। भट्ठा संचालक को हिदायत दी है कि यदि कोई मजदूर वापस अपने गांव जाना चाहे तो वे भेजे। ठेकेदार द्वारा भट्ठा मालिक से रुपये लेने की बात सामने आई है। यदि भट्ठा संचालक शिकायत करेंगे तो कार्रवाई की जाएगी।