भिवानी। राजीव गांधी राजकीय महिला महाविद्यालय में सोमवार को जागरूकता सेमिनार आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता रहे विष्णु ने छात्राओं को सोशल नेटवर्किंग के कारण उत्पन्न होने वाली समस्याओं के कारण, लक्षण और उनके निदान सुझाए।
उन्होंने बताया कि अपना मोबाइल नंबर, ओटीपी, डीपी, स्टेटस, एटीएम पासवर्ड, बैंक खाते संबंधी आदि जानकारी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। अपनी सहेलियों, रिश्तेदारों, पारिवारिक मित्रों आदि से भी संतुलित और मर्यादित व्यवहार रखना चाहिए। चाहे कोई कितना भी अपना हो उस पर अत्यधिक विश्वास नहीं करना चाहिए। फेसबुक, इंस्टाग्राम, वाट्सएप आदि पर सावधानी बरतनी चाहिए। अनजान फोन नंबर से बातचीत करने से बचना चाहिए। जरूरी होने पर केवल पारिवारिक पुरुषों का ही नंबर देना चाहिए।
आकर्षक, लुभावने विज्ञापनों के प्रभाव से मुक्त रखना चाहिए। संभालकर चलने पर ही अपनी और पारिवारिक प्रतिष्ठा सुरक्षित रह सकती है। हमें सदैव सचेत रहना चाहिए। संदेह होने या जरूरत पड़ने पर पुलिस हेल्पलाइन नंबर 1930 या साइबर सेल से संपर्क करने का सुझाव भी दिया। साइबर अपराध जागरूकता साहित्य भी बांटा गया। प्रश्नोत्तर के माध्यम से छात्राओं की शंकाओं का समाधान किया गया।
सेमिनार की अध्यक्षता कर रहे प्राचार्य त्रिलोक चंद ने अतिथियों का अभिनंदन किया। उन्होंने इस सराहनीय प्रयास के लिए अतिथियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि आधुनिक समय सोशल मीडिया की सक्रियता का युग है। आज के दौर में विशेषकर युवा वर्ग फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप आदि के माध्यम से लोकप्रियता के लिए लालायित रहता है और इसी होड़ में उपयोक्ता परेशानियों से घिर जाता है। ऐसी समस्याओं का समाधान का एकमात्र साधन साइबर क्राइम सेल है। सजग और सचेत रहकर पुलिस विभाग ही तत्परता से समस्या का समाधान किया जा सकता है।
एसपी नरेंद्र बिजरानिया के निर्देशानुसार साइबर अपराध कानूनी जागरूकता प्रकोष्ठ की ओर से आयोजित इस सेमिनार में नोडल होल्ड अमाउंट सीटी विष्णु सिंह, एसपीओ वीरेंद्र, कांस्टेबल कपिल, देवानंद ने जानकारी दी। प्रभारी प्रो. मनजीत ने प्रबंधन और डॉ. अनीता ने संचालन किया। मीडिया प्रभारी प्रो. अजीत कुमार ने बताया कि इस दौरान प्रो. श्वेता, प्रो. सविता, प्रो. भामा, प्रो. सुनीता, प्रो.सरोज, प्रो. बबीता आदि प्राध्यापक भी मौजूद रहे।