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मैदान में 23 निर्दलीय, तोशाम को छोड़ आज तक कहीं नहीं जीता कोई निर्दलीय

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विधानसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार भी किसी भी राजनीतिक दल का खेल बिगाड़ सकते हैं। इस बार भी जिले के चारों विधानसभा क्षेत्रों के 71 उम्मीदवारों में 23 निर्दलीय हैं। तोशाम को छोड़ आज तक भले ही जिले के किसी भी विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार नहीं जीता हो मगर विजेता रहे राजनीतिक दलों के पसीने जरूर छुड़वाये हैं। ऐसे में इस बार भी देखना दिलचस्प होगा कि कौन सा निर्दलीय उम्मीदवार किसका खेल बिगाड़ेगा।
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1977 में तोशाम में निर्दलियों के बीच हुआ था मुकाबला : तोशाम में 1977 के विधानसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार पूर्व मुख्यमंत्री चौ. बंसीलाल के बेटे सुरेंद्र सिंह और जंगबीर सिंह के बीच मुकाबला था। दोनों निर्दलीय चुनाव लड़ रहे थे। इसमें सुरेंद्र सिंह ने जीत हासिल की और पहली बार भिवानी जिले में कोई निर्दलीय उम्मीदवार विधायक बना। तोशाम में ही 1972 में देवीलाल ने भी बंसीलाल के सामने बतौर निर्दलीय चुनाव लड़ा था और हार गए थे। 1986 में तोशाम में पूर्व मुख्यमंत्री चौ. बंसीलाल की एकतरफा लहर थी। उस समय बंसीलाल ने 81298 वोट हासिल किए मगर उपविजेता रहे आर. स्वरूप निर्दलीय थे।
लोहारू में 2009 के निर्दलीय जेपी दलाल इस बार भाजपा के उम्मीदवार : 2009 में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ने वाले जेपी दलाल इस बार भाजपा से चुनाव लड़ रहे है। 2009 के चुनाव में वे 30264 वोट हासिल कर उप विजेता रहे थे और मामूली अंतर से हारे थे। उस समय इनेलो के धर्मपाल 30887 वोट लेकर विजेता रहे थे। लोहारू में पहले भी निर्दलीय उम्मीदवारों ने दिग्गजों को चुनौती दी है। 1968 में चंद्रावती के सामने तुलसीराम निर्दलीय उम्मीदवार थे। जिसमें चंद्रावती महज 1498 से विजयी रही थी। 1972 के चुनाव में भी चंद्रावती के सामने निर्दलीय उम्मीदवर हीरानंद थे। चंद्रावती के 20565 के मुकाबले हीरानंद ने 13213 वोट हासिल किए।
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भिवानी, बवानीखेड़ा में निर्दलियों का नहीं चला ज्यादा जादू : भिवानी और बवानीखेड़ा विधानसभाओं में निर्दलीय उम्मीदवारों का ज्यादा जादू नहीं चला। भिवानी में वर्ष 1972 और 1977 में सांगर राम बतौर निर्दलीय उम्मीदवार उप विजेता रहे थे। वोट भी अच्छे खासे हासिल किए थे। 1991 में शिव कुमार निर्दलीय चुनाव लड़कर उप विजेता रहे थे। बवानीखेड़ा विधानसभा चुनाव में 1967 में ही एक दफा निर्दलीय उम्मीदवार उप विजेता रहा है। यहां पूर्व मंत्री जगन्नाथ के सामने निर्दलीय उम्मीदवार एफ. सिंह थे। मगर चुनाव हार गए थे।
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कब कितने रहे निर्दलीय उम्मीदवार
वर्ष भिवानी बवानीखेड़ा तोशाम लोहारू
2009 15 11 11 12
2014 19 12 11 12
2019 05 04 08 06
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