परिवार पहचार पत्र मं नए सदस्य जोड़ने का ऑप्शन बंद पड़ा है। इसकी वजह से लोगों के जरूरी काम भी अटक गए हैं। वहीं परिवार में जन्में नवजात बच्चे भी फैमिली का हिस्सा नहीं बन पा रह हैं। मानव सूचना एवं संसाधन विभाग परिवार पहचान पत्र से जुड़े डाटा को अपडेट करने में जुटा है। इसकी वजह से अभी कई ऑप्शन अभी चालू नहीं किए गए हैं। ऐसे में जिला मुख्यालय पर भी रोजाना लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंच रहे हैं।
भिवानी के मानव सूचना एवं संसाधन विभाग के समक्ष करीब 250 से अधिक शिकायतें ऐसी हैं, जिनमें फैमिली आईडी में नए सदस्यों को जोड़ा जाना है। मगर अभी इसका ऑप्शन ही बंद पड़ा है। इसी तरह नवजात बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र से उन्हें जोड़ने की व्यवस्था की गई है, मगर यह ऑप्शन भी कभी बंद तो कभी खुल जाता है। ऐसे में इन नवजात बच्चों को भी परिवार का हिस्सा बनाने में दिक्कतें आ रही हैं। सबसे अहम नई फैमिली आईडी भी नहीं बन रही हैं। जबकि नई फैमिली आईडी से जुड़े सबसे अधिक आवेदन विभाग के समक्ष पहुंचे हैं।
सरल केंद्रों पर भी लोग नई फैमिली आईडी बनवाने पहुंच रहे हैं। जिन्हें निराश ही वापस लौटना पड़ता है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो उम्र की वेरिफिकेशन के साथ-साथ वोटर कार्ड से भी वेरिफिकेशन का काम चल रहा है। इसकी वजह से पेंशन संबंधी मामले भी अटके हुए हैं। वेरिफिकेशन होने वाले बुजुर्गाें की ही पेंशन बन रही है, जबकि सरल केंद्रों पर ऑनलाइन आवेदन करने वाले बुजुर्ग अभी लाइन में हैं।
परिवार पहचान पत्र में नए सदस्याें को जोड़ने का ऑप्शन बंद है। जबकि पुराने सदस्यों को हटाने का ऑप्शन खोला गया है। इसी तरह नई फैमिली आईडी भी अभी नहीं बन रही हैं। परिवार पहचान पत्र से जुड़ी सभी शिकायतें ऑनलाइन ही की जानी हैं, इसके लिए उन्हें मुख्यालय के कार्यालय पर चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। वे खंड कार्यालयों में अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
-खुशवंत सिंह, जिला समन्वयक मानव सूचना एवं संसाधन विभाग, भिवानी।