राजकीय कन्या स्कूल का मुख्य द्वार।
भिवानी। जिन सरकारी स्कूलों के पास किचन गार्डन के लिए जगह नहीं हैं, वहां छत पर गमलों और पाॅलीबैग में किचन गार्डन सब्जियां उगाई जाएंगी। स्कूलों में उगाई गई हरी सब्जियों का प्रयोग विद्यालय में बनने वाले मिड-डे-मील में किया जाएगा।
दरअसल, मौलिक शिक्षा विभाग की ओर से इस संबंध में जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। आदेशों में कहा गया है कि मिड-डे-मील के मेन्यू के अनुसार भोजन तैयार करना अनिवार्य है। मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं बनने पर विद्यालय मुखिया और इंचार्ज के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही किचन की साफ-सफाई व राशन के रखरखाव का विशेष ध्यान रखना होगा। किचन में जाले, मकड़ी व चूहे नहीं होने चाहिए। सभी कुक कम हेल्पर्स यूनिफार्म में उपस्थित रहेंगी और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखेंगी। विद्यालय में जल निकासी की व्यवस्था सुचारू रूप से होनी चाहिए।
मिड-डे-मील का पूरा रिकार्ड रजिस्टर में दर्ज होना अनिवार्य है। जितने विद्यार्थियों की संख्या रजिस्टर में दर्ज है, उतने ही आनलाइन में भी होनी चाहिए। यदि निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों की संख्या में अनियमितता पाई गई तो संबंधित विद्यालय मुखिया और मिड-डे-मील इंचार्ज के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सभी विद्यालय मुखियाओं को सरकार के आदेशों की पालना करनी है। मेन्यू के अनुसार मिड-डे-मिल में खाना बनाना अनिवार्य है। साथ ही, इसका रिकॉर्ड भी रखना अनिवार्य है।
- शिव कुमार तंवर, जिला शिक्षा अधिकारी।