भिवानी: लघु सचिवालय के बाहर मृतक वेदसिंह के परिजनों से बातचीत करते आप पर्टी के वरिष्ठ नेता अनुर
भिवानी। आम आदमी पार्टी के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट अनुराग ढांडा ने रविवार को रोहनात की ग्रामीणों की मांगों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यदि 1857 की क्रांति में जिसने अपना सब कुछ कुर्बान कर दिया। यदि ऐसे गांव को आजादी मिलने के 76 साल बाद भी हम उनको सम्मान और इंसाफ नहीं दे सकते तो फिर ये आजादी अधूरी है। इसका मतलब ये आजादी इन अफसरों की गुलाम है जो सचिवालय के अंदर बैठे हैं और अपने आप को अंग्रेजों का वंशज समझते हैं।
उन्होंने कहा कि अपनी जमीन, मलकियत, गांव और पूर्वजों का पुराना रिकॉर्ड रखना सरकार की जिम्मेदारी है। जब उसकी जरूरत हो तो देश का कोई भी नागरिक उसको हासिल कर सकता है, क्योंकि वो उसका अधिकार है। लेकिन अपना अधिकार मांगते-मांगते यह घड़ी आ गई है कि लोगों को अपनी जान देनी पड़ रही है। इसके बावजूद सरकारी अफसरों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही। डीसी इतने बड़े अफसर नहीं हैं कि किसी की जान से ज्यादा उनकी कुर्सी का महत्व हो। उन्होंने कहा कि मंगलवार को पंचायत है, पंचायत में जो भी निर्णय होगा वो आम आदमी पार्टी को स्वीकार्य है। इस मौके पर गीता श्योराण, इंदु शर्मा, दलजीत तालु, मनीष धनाना, मंजीत सिघानिया, श्रीकांत योगी, एडवोकेट रतन लोहिया, करतार, सुरेंद्र पुनिया, संजीव गोदारा, रामफल फौजी, सुनील शर्मा और विजेंदर मौजूद रहे।