भिवानी। यूनिवर्सिटी व मेडिकल कॉलेज के मुद्दे में अब पंचायत भी कूद पड़ी है। प्रेमनगर और हलके के 39 गांवों के प्रतिनिधियों की पंचायत ने साफ किया कि प्रेमनगर में दोनों प्रोजेक्ट नहीं बने तो आंदोलन करेंगे। पहले वे सीएम और पीएम से मिलेंगे। फिर भी बात नहीं बनी तो अदालत जाएंगे। सोमवार को प्रेमनगर गांव के पंचायत घर के बाहर विभिन्न गांवों के प्रतिनिधियों की बैठक पंचायत जाटू खाप-84 के प्रतिनिधि रामकुमार घणघस की अध्यक्षता में शुरु हुई। वक्ताओं ने कहा कि कुछ नेता इन दोनों प्रोजेक्ट को प्रेमनगर से बाहर ले जाने का प्रयास कर रहे हैं। जबकि, वर्ष 2014 में कांग्रेस राज में प्रस्तावित इन परियोजानों को गांव प्रेमनगर में बनाने का फैसला हुआ था। दोनों संस्थाएं स्थापित करवाने की सारी प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी। ग्राम पंचायत ने दोनों संस्थाओं को स्थापित कराने के लिए जमीन भी सरकार को दे दी। अब किरण चौधरी ही इन परियोजनाओं को अब प्रेमनगर की बजाय भिवानी शहर में नगर परिषद् की जमीन पर बनवाना चाहती हैं। साथ ही उस समय कांग्रेस में रहे व इस समय सांसद धर्मबीर ने भी उनकी इस बार का समर्थन किया है। वक्ताओं ने कहा कि बवानीखेड़ा हलका पिछड़ा हुआ है। इस हलके में अभी तक कोई बड़ा शिक्षण या संस्था नहीं है। इसलिए दोनों शिक्षण संस्थान यहां बनने चाहिए। वक्ताओं ने कहा कि अगर यहां से दोनों संस्थान शिफ्ट किए गए तो वे इस मामले को अदालत में ले जाएंगे और पीएम मोदी के दरबार में भी गुहार लगाएंगे। इस मौके पर सरपंच सुमन बूरा, नरसिंह, ओमप्रकाश मान, मास्टर शेर सिंह, सुंदर अत्री, नरेश, कमल फौजी, विनोद तिगड़ाना, संदीप, दयाकिशन बूरा, सेवा सिंह, कन्हैया, राज फौजी, जयपाल बूरा, संजय ढांडा, मास्टर होशियार सिंह, जसबीर, नरेश, कपूर वाल्मीकि, बवानीखेड़ा के विधायक बिशंबर वाल्मीकि के प्रतिनिधि आदि मौजूद रहे।
प्रेमनगर के साथ हूं : भाजपा विधायकबवानीखेड़ा हलके के विधायक बिशम्बर वाल्मीकि ने कहा कि हलके के गांव प्रेमनगर में मेडिकल कॉलेज व विश्वविद्यालय बनाया जाए। इस मामले में वे पूरी तरह से हलके की जनता के साथ है। प्रेमनगर में ही ये दोनों संस्थान बनने के बाद ही पूरे हलके का पिछड़ापन दूर होगा। वैसे ही भी बीजेपी सरकार हर हलके का विकास करवाने के लिए प्रयासरत है। अगर जरूरत पड़ी तो वे इस मामले में सीएम से भी मुलाकात करेंगे।