बवानीखेड़ा के गांव ढाणी किरावड़ में पिता पुत्र सहित तीन लोगों पर गोली चलाने वाले हवलदार रवींद्र की हत्या की आशंका चाचा ने जताई है। पुलिस ने पिता पुत्र सहित तीनों घायलों के खिलाफ रवींद्र की हत्या का केस दर्ज किया है। वहीं दूसरी ओर गोली लगने से घायल हुए तीनों लोगों के पक्ष से भी मृतक रवींद्र के खिलाफ हत्या प्रयास सहित आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ है। पुलिस को अभी तक वारदात की वजह का पता नहीं लगा है, वहीं पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
बवानीखेड़ा पुलिस को दी शिकायत में गांव ढाणी किरावड़ निवासी 62 वर्षीय महाबीर ने बताया कि उसके दो लड़के और दो लड़कियां हैं। बड़ा बेटा राजेश और छोटा नरेश है। उसकी लड़की सुमन व सुनील है। सभी शादीशुदा हैं। उसने बताया कि शनिवार देर शाम करीब साढ़े आठ बजे वह अपने घर पर था। उसके पास उसका भाई जगबीर भी बैठा था। इसी दौरान जमालपुर वासी रवींद्र श्योराण उनके घर पहुंचा। रवींद्र ने पूछा कि राजेश कहां है।
जगबीर ने कहा कि राजेश खाना खा रहा है। इसी दौरान उसने राजेश को पुकारा, जब राजेश वहां पहुंचा तो रवींद्र ने जेब से पिस्तौल निकालकर उसके सीने में गोली मार दी। जब वह और उसका भाई जगबीर राजेश को छुड़वाने लगे तो रवींद्र ने उनके कमर के पीछे गोली मार दी। इसके बाद रवींद्र अपनी बुलेट बाइक पर बैठकर वहां से फरार हो गया। तीनों को घायल अवस्था में हिसार के आधार अस्पताल ले जाया गया। जहां उनका इलाज चल रहा है। घायल महाबीर के बयान के आधार पर बवानीखेड़ा पुलिस ने आरोपी रवींद्र के खिलाफ हत्या प्रयास व आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया।
वहीं दूसरे पक्ष से गांव जमालपुर निवासी जगबीर ने बवानीखेड़ा पुलिस को दिए बयान में बताया कि वह मृतक रवींद्र का चाचा है। उसका भतीजा रवींद्र हरियाणा पुलिस हांसी में साइबर सेल में तैनात था। उसने बताया कि शनिवार रात करीब साढ़े 9 बजे गांव जमालपुर बलियाली रोड के समीप ईंट भट्ठे के समीप उसके भतीजे रवींद्र का शव पड़ा हुआ मिला। जगबीर ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि उसे शक है कि उसके भतीजे रवींद्र की सर्विस सिवाल्वर से आरोपी ढाणी किरावड़ निवासी जयबीर व उसका भाई महावीर और महावीर के बेटे राजेश ने गोली मारकर हत्या कर दी है।
रवींद्र 2007 में हुआ था पुलिस में भर्ती
रवींद्र 2007 में हरियाणा पुलिस में बतौर सिपाही भर्ती हुआ था। उसके कार्य को देखते हुए उसे हवलदार पदोन्नत किया और फिलहाल उसकी ड्यूटी हांसी साइबर सेल में लगी थी। रवींद्र अपने माता पिता का इकलौता बेटा बताया जा रहा है। उसका सर्विस कॅरियर भी बेदाग रहा था। रवींद्र ने ऐसा कदम क्यों उठाया, यह भी अभी तक किसी के समझ नहीं आ रहा है। वहीं परिजन भी इस बारे में कुछ भी नहीं बता पा रहे हैं।
वर्जन:::
रविवार को रवींद्र के के शव का जिला नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया गया। मृतक के चाचा की शिकायत पर तीनों घायलों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज हुआ है। वहीं घायलों के बयान पर मृतक रवींद्र के खिलाफ भी हत्या प्रयास व आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ है। मृतक के पास से उसकी सर्विस रिवाल्वर भी पुलिस को मिली है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
-रवींद्र कुमार, एसएचओ, बवानीखेड़ा पुलिस थाना।