भिवानी। बारिश के बाद लगातार मौसम में उमस बढ़ी है। ऐसे में जलजनित बीमारियों के संक्रमण का खतरा भी बढ़ा है। जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी में उल्टी-दस्त और फूड प्वाइजनिंग से जुड़े करीब 100 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें कई मरीज तो बुखार से भी पीड़ित हैं।
चिकित्सक भी मौसम में हुए बदलाव से पानी उबालकर पीने व साफ सफाई रखने की सलाह दे रहे हैं। बारिश के बाद जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि पेयजल आपूर्ति में आने वाला पानी भी पूरी तरह से शुद्ध नहीं हो पा रहा है। क्योंकि डबल क्लोरिनेशन के बाद भी जीवाणु पूरी तरह से नष्ट नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे में पानी उबालकर पीने में ही भलाई है। हालांकि अधिकांश घरों में आरओ सिस्टम व वाटर सप्लाई में आने वाले कैंपर के पानी का प्रयोग किया जा रहा है मगर ऐसे मौसम में ये पानी भी शुद्धता की कसौटी पर खरा नहीं उतर पा रहा है। शहर के कई इलाकों में दूषित पानी की आपूर्ति ने भी मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
पानी ठहराव वाली जगहों पर मिल रहा है मच्छर का लारवा
शहर और ग्रामीण क्षेत्र में पानी ठहराव वाली जगहों पर मच्छर का लारवा भी मिल रहा है। हालांकि अभी तक शहरी और ग्रामीण दायरे में फोगिंग भी शुरू नहीं हुई है। जिससे भी मच्छर के डंक का खतरा बढ़ रहा है। दिन के समय गर्मी और शाम के समय तापमान में गिरावट की वजह से मच्छर के लिए ये माहौल अनुकूल है। स्वास्थ्य विभाग ने भी जिले भर की सभी ग्राम पंचायतों को फोगिंग कराने का अनुरोध किया है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा दवा मुफ्त मुहैया कराई जाएगी।
उमस भरी गर्मी और बारिश के दौरान जलजनित बीमारियों का संक्रमण बढ़ जाता है। इस समय अस्पताल में उल्टी दस्त और बुखार से पीड़ित मरीज ज्यादा आ रहे हैं। जिन्हें दवा और उपचार के साथ पानी उबालकर पीने की सलाह भी दी जा रही है। इस मौसम में मक्खी मच्छर भी ज्यादा हो जाते हैं, ऐसे में साफ सफाई का भी ध्यान रखें। ज्यादा दिनों तक बुखार आ रहा है तो तत्काल चिकित्सक से परामर्श लें लापरवाही न करें।
-डॉ यतीन गुप्ता, सामान्य रोग विशेषज्ञ, जिला नागरिक अस्पताल भिवानी।