गांव बामला और वर्तमान में सेक्टर-13 निवासी रीनू ने बताया कि उन्होंने तीसरे प्रयास में यह सफलता हासिल की है। पिता राजपाल सिंह ग्रेवाल सेना से लांस नायक के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। वह पहले दो बार सिविल सर्विसेज परीक्षा दे चुकी थी लेकिन सफलता नहीं मिली।
हरियाणा सिविल सर्विसेज परीक्षा में बामला के अतुल कुमार जांगड़ा ने पहले ही प्रयास में सफलता हासिल कर गांव का नाम रोशन किया है। अतुल ने बताया कि उनके पिता जितेंद्र जांगड़ा राजकीय विद्यालय में जेबीटी शिक्षक हैं और माता सुमन देवी गृहिणी हैं। अतुल ने दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद घर पर ही सिविल सर्विसेज परीक्षा की तैयारी शुरू की। उन्होंने बताया कि बिना कोचिंग के यह सफलता हासिल की है। उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि लगन और मेहनत से किया गया काम कभी विफल नहीं होता। पूरी शिद्दत से पढ़ाई करते हुए अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहना चाहिए।
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असफलता से निराश न होकर तैयारी जारी रखें: रीनू
मूल रूप से गांव बामला और वर्तमान में सेक्टर-13 निवासी रीनू ने बताया कि उन्होंने तीसरे प्रयास में यह सफलता हासिल की है। पिता राजपाल सिंह ग्रेवाल सेना से लांस नायक के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। वह पहले दो बार सिविल सर्विसेज परीक्षा दे चुकी थी लेकिन सफलता नहीं मिली। इससे निराश होने के बजाय प्रयास जारी रखा।
रीनू ने युवाओं को संदेश दिया कि असफलता से निराश न होकर अपनी तैयारी जारी रखें। एक दिन सफलता जरूर मिलेगी। रीनू ने भिवानी पब्लिक स्कूल से दसवीं और आदर्श अकादमी से 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक और वाणिज्य विषय में स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की है। वह अभी यूपीएससी की तैयारी कर रही हैं।