सामान्य अस्पताल परिसर स्थित नर्सिंग छात्रावास में रात को फिर से गैलरी की छत का लेंटर गिर गया। गनीमत रही कि किसी के ऊपर नहीं गिरा। लेंटर गिरने के कारण छात्राएं ज्यादा भयभीत हो गई। वहीं छात्राएं लगातार तीसरे दिन क्लास और ट्रेनिंग छोड़कर हड़ताल पर रही। वहीं शहर में प्रदर्शन किया। लगातार तीसरे दिन छात्राएं डीसी कार्यालय पहुंची तो डीसी ने एसडीएम को निरीक्षण के लिए भेजा। एसडीएम ने भी छात्रावास में रहना खतरा मानते हुए एक सप्ताह तक छात्राओं की छुट्टी करने, छुट्टी के दौरान डीजीएमईआर से संपर्क करने के निर्देश दिए। साथ ही हॉस्टल के जीर्णोद्धार या पुनर्निर्माण तक छात्राओं के लिए वैकल्पिक जगह तलाशने के भी निर्देश दिए। अब शनिवार से छात्राओं की एक सप्ताह तक छुट्टी रहेगी।
उल्लेखनीय है कि जिला सामान्य अस्पताल परिसर में बने नर्सिंग छात्रावास में छत का मलबा गिरने से तीन छात्राएं घायल हो गई थी। जिसके बाद से पिछले तीन दिन से छात्राएं अपनी क्लास और ट्रेनिंग छोड़ हड़ताल पर है। छात्राएं डीसी, सिविल सर्जन, प्रधान चिकित्सा अधिकारी से भी गुहार लगा चुकी है। बावजूद इसके स्थिति अब तक जस की तस है। पिछले एक सप्ताह से लगातार छत का मलबा गिर रहा है और यहां रहने वाली छात्राएं भय के साये में है।
शुक्रवार रात करीब तीन बजे फिर से छात्रावास की गैलरी और एक कमरे में मलबा गिर गया जिससे छात्राओं में हड़कंप मच गया। जिससे खफा नर्सिंग छात्राओं ने लगातार तीसरे दिन क्लास और ट्रेनिंग का बहिष्कार कर हड़ताल की। पहले अस्पताल परिसर में धरना देकर रोष जताया। इसके बाद दोपहर के समय जुलूस के रूप में प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पहुंची और डीसी कार्यालय में फिर शिकायत की। शिकायत के बाद एसडीएम महेश कुमार के नेतृत्व में गठित टीम नर्सिंग हॉस्टल का निरीक्षण करने पहुंची। टीम में बीएंडआर के एक्सईएन कृष्ण कुमार व अन्य अधिकारी भी शामिल रहे। छात्राओं और नर्सिंग कॉलेज स्टाफ ने टीम को जहां-जहां मलबा गिरा उन स्थानों के अलावा पूरी बिल्डिंग का निरीक्षण करवाया। निरीक्षण करने के बाद एसडीएम ने भी हॉस्टल को असुरक्षित मानते हुए नर्सिंग स्कूल प्रिंसिपल को निर्देश दिए कि छात्राओं के रहने के लिए वैकल्पिक जगह तलाशी जाए। एक सप्ताह में डीजीएमईआर से संपर्क पर अधिकारिक रूप से वैकल्पिक व्यवस्था के आदेश लिये जाए। साथ ही जब तक व्यवस्था नहीं होती, एक सप्ताह तक छात्राओं की छुट्टी कर दी जाए।
हॉस्टल भवन की हालत देखने पर कोई भी डर जाए
हॉस्टल का निरीक्षण करने पहुंचे एसडीएम महेश कुमार ने भी माना कि हॉस्टल की हालत ज्यादा खराब है। कोई भी नया बंदा अंदर जाकर देखे तो हालत देख डर जाए। छात्राओं को यहीं क्लास है और यहीं उनको रहना होता है। देखरेख के अभाव में हॉस्टल की हालत ज्यादा बिगड़ी है। अब यहां सीवरेज लाइन, पानी की लाइन भी डैमेज है और पानी दीवारों में ही जा रहा है। अब बीएंडआर एक्सईएन ने एक कंस्लटेंट एजेंसी से संपर्क किया है जो निरीक्षण कर तय करेगी कि इसे कंडम घोषित किया जाए या इसका जीर्णोद्धार हो सकता है। डीएमएआर के पास जीर्णोद्धार के लिए सवा दो करोड़ रुपये आए हुए है। आज के निरीक्षण की रिपोर्ट तैयार कर डीसी को दी जाएगी।
एसडीएम के आश्वासन पर की हड़ताल बंद
पिछले तीन दिन से हड़ताल कर रही छात्राओं ने चेतावनी दी थी कि जब तक उन्हें लिखित में ठोस आश्वासन नहीं मिलता तब तक वे आंदोलन करेंगी और कक्षाएं छोड़ धरना देंगी। विभिन्न जनसंगठनों ने भी उनका समर्थन किया। शुक्रवार शाम को एसडीएम के निरीक्षण और आश्वासन के बाद छात्राएं अपना धरना समाप्त करने को तैयार हुई। साथ ही चेतावनी दी कि अगर सात दिन में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो फिर से आंदोलन करेगी।
एसडीएम महेश कुमार ने छात्रावास का निरीक्षण किया है। जिन्होंने छात्राओं के रहने के लिए वैकल्पिक जगह देखने के निर्देश दिए है। सोमवार को मैं डीजीएमईआर से संपर्क करने जाउंगी। साथ ही छात्राओं के रहने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी की जाएगी। शनिवार से छात्राओं की सात दिन की छुट्टी की जाएगी। - महेंद्र कौर, प्रिंसिपल नर्सिग कॉलेज।
डीसी के आदेशानुसार नर्सिग छात्रावास का निरीक्षण किया है। भवन की हालत बेहत खराब है। यह स्थिति ठीक से रख रखवा न होने के कारण हुर्ई है। प्रिंसिपल को डीजीएमईआर से संपर्क करने के आदेश दिए है तब तक छात्राओं के रहने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने के लिए निर्देश दिए है। - महेश कुमार, एसडीएम।