भिवानी। युवाओं को खेलों में प्रोत्साहित करने के लिए सरकार की तरफ से खेल नर्सरियां खोली गई थीं। इसके तहत जिले में 50 खेल नर्सरियां आवंटित की गई थीं। इसके तहत गांव प्रेमनगर व तिगड़ाना में हॉकी के लिए खेल नर्सरी खोली गई। इसके बाद विभाग द्वारा आवंटित की गई खेल नर्सरियों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान टीम को नर्सरी में कोच की शैक्षणिक योग्यता पूरी नहीं मिली। इसके बाद नर्सरी का संचालन बंद कर दिया गया।
दरअसल, खेल विभाग की ओर से नए सत्र से आवंटित की गई खेल नर्सरियों का औचक निरीक्षण किया गया। उस दौरान गांव प्रेमनगर व तिगड़ाना में कोच की शैक्षणिक योग्यता मानकों के हिसाब से सही नहीं मिली। इसकी वजह से उसको मान्यता नहीं मिलने के कारण नर्सरी खोलने की प्रक्रिया को रोक दिया गया।
फिलहाल गांव में हॉकी खेल नर्सरी पिछले एक साल से बंद पड़ी हुई है। इसके कारण गांव के खिलाड़ियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीण बच्चों को भीम स्टेडियम में जाकर अभ्यास करना पड़ रहा है। प्रेमनगर में बने स्टेडियम में बिना प्रशिक्षक के ही 40 खिलाड़ी रोजाना सुबह शाम अभ्यास करते हैं। लेकिन सुविधा के अभाव में कुछ खिलाड़ी गांव से दस किलोमीटर की दूरी पर बने स्टेडियम में आकर अभ्यास करते हैं।
सर्दी के समय में तो शाम को देर तक अभ्यास करने के कारण वापिस घर पहुंचने में भी परेशानी होती है। देर सांय बस सुविधा नहीं होने के कारण भी निजी वाहनों को हाथ का इशारा कर रुकवाते हैं। इसके बाद उनकी सहायता से अपने घरों को पहुंचते हैं। पहले गांव में नर्सरी होती थी। जिसके कारण सभी सुविधाएं उन्हें गांव में ही मिल जाती थी। लेकिन सुविधाओं के अभाव में खिलाड़ी शहर के स्टेडियम में जाने को मजबूर है।
क्या है हरियाणा खेल नर्सरी योजना
हरियाणा सरकार की ओर से हरियाणा खेल नर्सरी योजना 2024 से युवाओं का खेलों के प्रति रुझान बढ़ाने और उन्हें खेल क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से खेल नर्सरी की स्थापना की गई। इस योजना के तहत हर सरकारी और प्राइवेट शिक्षा संस्थानों में पहले से उपलब्ध खेलों के मूल ढांचे का प्रयोग करके श्रेष्ठ खेल नर्सरी स्थापित की गई। हरियाणा खेल नर्सरी योजना के तहत स्थापित की गई खेल नर्सरियों से जमीनी स्तर पर छात्रों एवं युवा नागरिकों को विश्व स्तर पर आयोजित होने वाले खेल प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जाता है। खेल नर्सरियों में पेशेवर ट्रेनर की तरफ से ट्रेनिंग दी जाती है। इससे विश्वस्तर पर होने वाली खेल प्रतियोगिताओं के लिए खिलाड़ी तैयार हो सकें।
मैं पहले गांव में हॉकी अभ्यास करता था। लेकिन वो नर्सरी बंद होने के कारण भीम स्टेडियम में आना पड़ रहा है। इसके कारण रोजाना किराया दे कर भिवानी आता हूं। शाम को देर तक अभ्यास करने के कारण बस मिलना भी मुश्किल हो जाता है। प्रशासन से गांव में हॉकी के लिए खेल नर्सरी शुरू करने की मांग करता हुं।
- गौरव, हॉकी खिलाड़ी।
किसी प्रकार की खेल नर्सरी को बंद नहीं किया गया है। खेल विभाग की तरफ से तय मानकों के अनुसार कोच की शैक्षणिक योग्यता पूरी नहीं थी। इसलिए नर्सरी को मान्यता नहीं मिली। किसी खिलाड़ी को किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं आने दी जाएगी।
- सत्येंद्र कुमार, जिला खेल अधिकारी, भिवानी।