शहर की तीन कॉलोनियों में मकानों के ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन तारों की वजह से लोग अपने ही मकानों की छतों पर नहीं जा पा रहे हैं। पहले हुए हादसों का इनके जहन में इतना खौफ बैठा हुआ है कि लोग छतों पर जाना ही छोड़ दिया है। बिजली निगम से काफी समय पहले की गई 11 हजार वॉट की लाइन शिफ्टिंग की मांग भी सिरे नहीं चढ़ पाई। इन तीन कॉलोनियों में चंपापुरी कॉलोनी, हरी नगर कॉलोनी व लोहारू रोड स्थित कॉलोनी शामिल है। इन लोगों ने अब जिला प्रशासन से भी हाईटेंशन की टेंशन से निजात दिलाने की मांग की है।
विभिन्न कॉलोनियों में मकानों के ऊपर से गुजर रही बिजली की हाईटेंशन तारें लोगों के लिए परेशानियां खड़ी कर रही हैं। इन कॉलोनियों में पिछले कुछ समय में हाईटेंशन तारों के चलते हुए हादसों में लोग अपने शारीरिक अंग तक गंवा चुके हैं। चंपापुरी क्षेत्र में करीब दो साल पहले राजेश नामक युवक इन तारों की चपेट में आ गया था। लंबे समय तक राजेश का उपचार चला और अब भी वह शारीरिक रूप से पूर्णतया फिट नहीं है। वहीं, एक अन्य हादसे में स्थानीय निवासी रोशनलाल की बेटी छत पर खेतले समय इन तारों की चपेट में आ गई थी जिसमें मासूम को अपना एक हाथ व एक पैर तक गंवाना पड़ा। इसके बाद भी बिजली की तरफ से इन घरों के ऊपर से गुजर रही तार को हटाने के लिए कोई भी कार्रवाई नहीं की जा रही है। जिन लोगों के घरों से ये तार गुजर रही है, उन्हें अपने आंगन में कपड़े सुखाने पर भी करंट का हल्का झटका महसूस होता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के समय तो घरों की दीवारों में भी करंट की झनझाहट महसूस की जा सकती है। वार्ड के पूर्व पार्षद जयसिंह का कहना है कि इस संबंध में उन्होंने निगम अधिकारियों से कई बार मुलाकात की, लेकिन मामला सिरे नहीं चढ़ पाया।
निगम अधिकारियों ने की फरियाद अनसुनी
वार्ड नंबर एक चंपापुरी कॉलोनी, वार्ड नंबर सात हरिनगर, घिकाड़ा रोड, लोहारू रोड आदि क्षेत्र के लोगों के लिए पिछले कई वर्षों से हाई वोल्टेज तार जी का जंजाल बनी हुई है। वार्डो में बनी समस्या को लेकर पार्षद भी अनेकों बार निगम के अधिकारियों से मिल चुके हैं लेकिन निगम अधिकारी भी इस समस्या से निजात नहीं दिला सके। जिसका खामियाजा इन कॉलोनियों में रहने वाले लोगों भुगतना पड़ रहा है। वहीं बिजली निगम एसडीओ अतुल रंगा का कहना है कि जिन मकानों के ऊपर से हाईटेंशन तार गुजर रही है। उन लोगों को लिखित में तार हटवाने के लिए शिकायत देनी होगी। जिसके बाद बिजली के पोल लगवाने के लिए एस्टीमेट तैयार किया जाएगा। हाई वोल्टेज तार हटाने में जो भी खर्च आएगा वो शिकायतकर्ता को ही भुगतना पड़ेगा।
अपने ही मकान की छत हमारे लिए परायी जैसी
पूजा देवी ने बताया कि हाईटेंशन तार के कारण उनके परिवार का कोई भी सदस्य मकान की छत पर नहीं जाता है। मकान के ऊपर से गुजर रही है 11 हजार वोल्टेज की तार खतरा पैदा कर रही है। हाईटेंशन तार का करंट घर के आंगन में कपड़े सुखाने के दौरान भी महसूस होता है। हमारे लिए तो अपने ही मकान की छत पराया हो गया है।
शशि देवी का कहना है कि बिजली निगम की अनदेखी उनके लिए विकट हालात पैदा कर रही है। हाईटेंशन तार के कारण उन्हें हमेशा ही किसी अनहोनी की आशंका बनी रहती है। बारिश के दिनों में तो हालात इतने भयावह हो जाते हैं कि घर में रखी पानी की टंकी में करंट का प्रवाह दौड़ जाता है।
राममेहर सिंह ने बताया कि वे निगम अधिकारियों कई बार हाईटेंशन तार को हटाने की मांग कर चुके हैं, मगर अधिकारियों की उदासीनता के कारण कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। जिससे हर समय उनके परिवार के सदस्य भयभीत रहते हैं। हाईटेंशन तार के कारण उनका घर में रहना भी मुश्किल हो गया है।
राहुल कुमार ने बताया कि मकानों की छत से गुजर रही तार के कारण कई लोगों के साथ दुर्घटनाएं हो चुकी है। इसके बाद भी बिजली निगम द्वारा हाईटेंशन तार को यहां से नहीं हटाया जा रहा है। ऐसे में हर समय किसी खतरे का अंदेशा बना रहता है।