भिवानी। डाबर कॉलोनी में असहाय हालत में घूमती मिली महिला अपना नाम-पता नहीं बता पाई जिसके बाद उसे कृष्ण प्रणामी मंदिर स्थित अपना घर आश्रम में आश्रय दिलाया गया। सखी वन स्टॉप सेंटर की ओर से अब निर्धारित अंतराल पर फॉलोअप कर उसके परिजनों का पता लगाने का प्रयास किया जाएगा।
डीसी साहिल गुप्ता के मार्गदर्शन में जिला पुनर्वास केंद्र के नजदीक सखी वन स्टॉप सेंटर का संचालन किया जा रहा है। डाबर कॉलोनी में महिला के घूमने की सूचना गोरक्षा दल ने महिला हेल्पलाइन नंबर 112 पर दी। इसके बाद गोरक्षा दल पुलिस की मदद से महिला को अनाज मंडी चौकी लेकर पहुंचा। महिला हेल्पलाइन 181 से सूचना मिलने पर सेंटर के काउंसलर अशोक कुमार चौकी पहुंचे।
महिला से बातचीत के दौरान वह अपना सही नाम और पता नहीं बता सकी। उसके पास पहचान संबंधी कोई दस्तावेज भी नहीं मिला। इसके बाद डीडीआर में सूचना दर्ज करवाकर सामान्य अस्पताल भिवानी में उसका मेडिकल कराया गया। मेडिकल के बाद महिला को सखी वन स्टॉप सेंटर लाकर जलपान कराया गया और परिजनों के नहीं मिलने पर स्थायी आश्रय की जरूरत को देखते हुए अपना घर आश्रम में रखा गया।
हिंसा प्रभावित महिलाओं को एक छत के नीचे मिलती हैं सुविधाएं
जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग भिवानी मंजू राणा ने बताया कि सखी वन स्टॉप सेंटर में हिंसा से प्रभावित महिलाओं और बच्चियों को पुलिस सहायता, कानूनी परामर्श, चिकित्सा सहायता, मनोवैज्ञानिक परामर्श और पांच दिन तक अस्थायी आश्रय की सुविधा एक ही छत के नीचे मिलती है। सेंटर महिला हेल्पलाइन 181 के साथ समन्वय कर 24 घंटे आवश्यक सहायता उपलब्ध कराता है। सेंटर के माध्यम से घरेलू हिंसा, महिला तस्करी, बाल विवाह, दहेज उत्पीड़न, एसिड अटैक, साइबर क्राइम और गुमशुदगी समेत विभिन्न परिस्थितियों में पीड़ित महिलाओं व बच्चियों को आवश्यक सहयोग दिया जाता है। महिला के परिजनों की तलाश के लिए सेंटर की ओर से निर्धारित अंतराल पर फॉलोअप किया जाएगा।