भिवानी में धरने पर बैठे एमपीएचडब्ल्यू व एनएचएम कर्मचारियों को संबोधित करते वक्ता। संवाद
भिवानी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में कार्यरत महिला एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर एमपीएचडब्ल्यू एसोसिएशन ने सिविल सर्जन कार्यालय पर रोष प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। एसोसिएशन ने सिविल सर्जन के माध्यम से मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों को जल्द हल करने की अपील की। भिवानी के नेहरू पार्क में एकत्र हुई सदस्य टीम ने सिविल कार्यालय तक मार्च किया और ज्ञापन प्रस्तुत किया।
एसोसिएशन की प्रदेश अध्यक्ष शर्मिला देवी, उपप्रधान सुदेश रानी, संगठन सचिव माया देवी, शशि बाला और बबिता देवी ने बताया कि एनएचएम प्रोजेक्ट के तहत 1998 से महिला एमपीएचडब्ल्यू (एएनएम) कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ‘बेटी बचाओ’ का नारा देती है, लेकिन धरातल पर योजनाओं को लागू कराने वाली महिला कर्मचारियों की आधारभूत मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे वे आर्थिक और मानसिक शोषण का सामना कर रही हैं।
राज्य महासचिव सहदेव आर्य और प्रवक्ता संदीप कुंडू ने कहा कि मांगें पूरी न होने की स्थिति में सप्ताह भर में राज्यस्तरीय मीटिंग बुलाकर आगामी रणनीति तय की जाएगी।