चरखी दादरी। स्कूलों में लगी बायोमैट्रिक मशीन में हेराफेरी व गड़बड़ी पाए जाने पर स्कूल हेड जिम्मेवार होगा। निर्धारित जुर्माना राशि अदा करने के साथ साथ शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी स्पष्टीकरण देना पड़ेगा। शासन ने इसके लिए शिक्षा विभाग को आदेश जारी कर दिए हैं।
ढाई हजार लगेगा जुर्माना
शिक्षा विभाग ने एक दिसंबर से सभी सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की बायोमैट्रिक मशीन से हाजिरी शुरू कर दी है। इसके तहत शिक्षक ही नहीं पूरे स्टाफ की मशीन से ही हाजिरी लगनी है। सरकार ने शिक्षकों की लापरवाही पर अंकुश लगाए जाने को लेकर सख्त कदम उठाए हैं। इसके तहत बॉयोमैट्रिक मशीन में हेराफेरी व खराबी के चलते हेड की जवाबदेही होगी। यदि मशीन में गड़बड़ी किए जाने की शिकायतें मिलती हैं तो स्कूल का हेड या संबंधित इंचार्ज जिम्मेदार होगा। शिकायत साबित होने पर हेड को 2500 रुपये जुर्माना लगेगा। साथ में हेड को इस बारे में स्पष्टीकरण भी देना होगा। इस मशीन के जरिए अनुबंध व नियमित दोनो तरह के कर्मचारियों की हाजिरी लगेगी। हाजिरी में किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त न किए जाने की बात निर्देशों में कही गई है।
मशीन में लीव का भी प्रावधान
बायोमैट्रिक मशीन में स्टाफ के लिए अवकाश की भी व्यवस्था की गई है। मशीन में इस बारे में ऑप्शन बनाया गया है। इसके तहत कर्मचारी आकस्मिक अवकाश भी ले सकता है, लेकिन उसका कारण व विवरण अवश्य देना होगा। बाद में मशीन को ई सेलरी से अटैच कर किए जाने का प्रावधान किया जा रहा है ताकि छुट्टियों के अनुरूप मासिक वेतनमान बनाया जा सके। निर्धारित से ज्यादा अवकाश लिए जाने पर कर्मचारी के वेतन में भी कटौती हो सकती है।
प्राइमरी व मिडल स्कूलों में टैब से कनेक्ट होंगी मशीनें
प्राइमरी व मिडल स्कूलों में बायोमैट्रिक मशीनें टैब से कनेक्ट होंगी। यह टैब चार्ज हो सकेगा। यह टैब संबंधित इंचार्ज के पास रहेगा। सिस्टम में खराबी होने पर अधिकारियों को सूचना देनी होगी।
वर्जन::::::
इससे कामकाज के प्रति और जवाबदेही बढ़ेगी तथा सभी प्रकार के कार्य समय पर पूरे होंगे। इससे पूरे सिस्टम में पारदर्शिता आएगी।
कुलदीप फौगाट, बीईओ, शिक्षा विभाग