भिवानी। स्वर्ग सिधारने के बाद भी फैमिली आईडी में लोग सालाना लाखों कमा रहे हैं। जी हां यह हम नहीं बल्कि जिला मानव सूचना संसाधन विभाग के समक्ष शिकायतें लेकर आ रहे लोगों का कहना है। फैमिली आईडी के जिन परिवार मुखिया की मृत्यु हो चुकी हैं, उनकी सालाना आमदनी अब भी फैमिली आईडी में जुड़ी है। इस तरह के एक या दो नहीं बल्कि दर्जनों मामले सामने आ चुके हैं। वहीं जन्म तिथि से जुड़ी समस्याओं के निवारण के लिए अब जिला मानव सूचना संसाधन विभाग लगातार तीन दिनों तक जिले भर में स्पेशल कैंप लगाएगा।
जिला मानव सूचना संसाधन विभाग अब तक जिले में तीन लाख 17 हजार से अधिक फैमिली आईडी बना चुका है। इनमें से करीब डेढ़ लाख परिवार तो ऐसे हैं, जिनकी सालाना आमदनी एक लाख 80 हजार से नीचे हैं। जिन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ भी मिल रहा है। मगर 200 परिवार ऐसे भी हैं, जिनके परिवार में सदस्यों या फिर परिवार के मुखिया की मौत हो चुकी हैं, मगर अब भी वे फैमिली आईडी में सालाना कमा रहे हैं। यानी उनकी सालाना आमदनी फैमिली आईडी में दर्शायी जा रही है। ऐसा दो सूरत में हुआ है। पहला मृत्यु के बाद परिवारों ने उनका नाम ही फैमिली आईडी से नहीं कटवाया है, जबकि दूसरा मृत्यु प्रमाण पत्र के अभाव में मृतक सदस्यों का नाम नहीं हट पा रहा है। ऐसे में इन परिवारों की सालाना आमदनी की वेरिफिकेशन भी नहीं हो पा रही है। जबकि जन्म प्रमाण से जुड़े मामले भी ढाई हजार से अधिक हैं। जिनकी आयु का फैमिली आईडी में कोई प्रमाण तक नहीं है। इनमें जो बुजुर्ग सदस्य हैं, उनकी पेंशन तक नहीं बन पा रही है। ये लोग भी चक्कर लगाने पर मजबूर हैं।
19 से 21 सितंबर तक जिले में लगेंगे स्पेशल कैंप
फैमिली आईडी में जिन सदस्यों के आयु से संबंधित कोई प्रमाण दर्ज नहीं हैं, ऐसे मामलों का निपटान के लिए अब मानव सूचना संसाधन विभाग ने जिले भर में 19, 20 और 21 सितंबर से स्पेशल कैंप लगाने का निर्णय लिया है। इन कैंपों में उन सदस्यों को टीम लीड के सदस्य फोन कर कैंपों में बुलाकर मौके पर ही उनकी समस्या का निदान कराएंगे। फैमिली आईडी में परिवार के सभी सदस्यों की आयु का प्रमाण होना जरूरी है, क्योंकि उनकी आयु के हिसाब से ही सरकार की पेंशन संबंधी व छात्रवृत्ति संबंधी योजनाओं का सदस्यों को लाभ मिलेगा।
नहीं खुल रहे फैमिली आईडी में नए विकल्प
फैमिली आईडी में कई ऑप्शन बंद पड़े हैं, जिसकी वजह से भी लोग सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हैं। हरियाणा सरकार ने विधुर और बिना शादी वाले 42 साल से अधिक आयु वर्ग के लोगों के लिए पेंशन योजना लागू की हैं, मगर फैमिली आईडी में विधुर का ऑप्शन तो हैं, मगर उस ऑप्शन में सबमिट का कोई विकल्प नहीं दिया है। जिससे योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसी तरह नए सदस्य जोड़ने और पुराने सदस्य हटाने का भी विकल्प बंद पड़ा है।
परिवार पहचान पत्र में जिन सदस्यों की मृत्यु हो चुकी हैं, जब तक उनका मृत्यु प्रमाण पत्र आवेदन के साथ पोर्टल पर अपलोड नहीं होगा तब तक उसका नाम नहीं हटेगा। जबकि फैमिली आईडी में जन्म प्रमाण की वेरिफिकेशन के लिए भी जिले में 19 से 21 तक लगातार तीन दिनों तक टीम लीड द्वारा स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे। जिसमें मौके पर ही सदस्यों की आयु से संबंधित शिकायतों का निदान किया जाएगा। जिसके बाद उन्हें बुजुर्गों को पेंशन व छात्रों को छात्रवृत्ति से जुड़ी योजनाओं का लाभ भी मिलना शुरू होगा।
-खुशवंत सिंह, जिला समन्वयक मानव सूचना संसाधन विभाग भिवानी।