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Bhiwani News: यूथ वर्ग में खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कमा रहे नाम, केंद्र की पॉलिसी में देने के लिए नहीं इनाम

Mon, 18 Sep 2023 01:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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​​भिवानी: ​खिलाड़ी द्वारा कैश अवार्ड के लिए किया गया आवेदन। 
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भिवानी। बॉक्सिंंग में भारत के यूथ खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर नाम कमा रहे हैं। लेकिन बड़ी विडंबना की बात है कि इन्हीं यूथ बॉक्सिंग खिलाड़ियों के लिए केंद्र की खेल पॉलिसी में प्रोत्साहित करने के लिए कोई कैश अवाॅर्ड नहीं है। जब कोई पदक विजेता खिलाड़ी कैश अवाॅर्ड के लिए अप्लाई करता है तो उसका आवेदन पॉलिसी का हिस्सा न बताकर रद्द कर दिया जाता है। यह कहना है द्रोणाचार्य अवाॅर्डी बॉक्सिंग कोच जगदीश का।
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उन्होंने बताया कि खिलाड़ी को बिना प्रोत्साहन राशि के अपनी आगामी प्रैक्टिस के लिए रणनीति बनानी पड़ती है। इस दौरान कई खिलाड़ियों का तो मनोबल टूट जाता है और कई आर्थिक रूप से तंगी के कारण खेल को छोड़कर भी चले जाते हैं। कोच जगदीश ने बताया कि कई खिलाड़ी ऐसे हैं जिन्होंने यूथ चैंपियनशिप में पदक जीते हैं। इनमें भिवानी निवासी महिला बॉक्सर तमन्ना भी शामिल है। तमन्ना ने वुमेन यूथ बॉक्सिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता है। तमन्ना ने खेल विभाग को कैश अवाॅर्ड के लिए आवेदन किया। लेकिन कई दिन पेंडि़ग दिखाने के बाद उसका आवदेन रिजेक्ट कर दिया गया। जब उसका आवेदन रिजेक्ट करने के बारे में पूछताछ की गई तो पता चला कि केंद्र की खेल नीति में यूथ के लिए कैश अवाॅर्ड का प्रावधान नहीं है। इस कारण यूथ वर्ग के खिलाड़ियों को कोई कैश अवाॅर्ड नहीं दिया जा रहा।





विभाग का नाम यूथ अफेयर एंड खेल मंत्रालय लेकिन यूथ के लिए अवाॅर्ड नहीं

कोच जगदीश ने कहा कि बड़ी शर्म की बात है कि भारत के खेल गतिविधियों को देखने वाले मंत्रालय का नाम यूथ अफेयर एंड खेल मंत्रालय है और यूथ वर्ग के खिलाड़ियों को ही कैश अवाॅर्ड से वंचित रखा जा रहा हैं। उन्होंने बताया कि इससे पहले भारत और हरियाणा सरकार यूथ खिलाड़ियों को कैश अवाॅर्ड देती थी। लेकिन अब खेल पॉलिसी में यूथ का प्रावधान नहीं होने का कारण बताकर बॉक्सिंग के यूथ खिलाड़ियों को कैश अवाॅर्ड नहीं दिया जा रहा। जबकि राज्य सरकार का अवाॅर्ड प्राप्त करने के लिए शर्त है कि खिलाड़ी को नेशनल स्तर पर राज्य की तरफ से खेलना जरूरी है।
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करीब सात लाख रुपये मिलते थे यूथ वर्ग के खिलाड़ी को



द्रोणाचार्य बॉक्सिंग कोच जगदीश कुमार ने बताया कि खिलाड़ियों को तीन वर्ग में बांट रखा है। जिसमें 17 साल तक की उम्र के खिलाड़ियों को सरकार ने जूनियर वर्ग का दर्जा दिया है। इसके बाद 17 से 19 वर्ष तक की आयु वाले खिलाड़ियों को यूथ वर्ग का दर्जा दिया है। वहीं, 19 से ऊपर वाली उम्र के खिलाड़ियों को ईलाइट (सीनियर) वर्ग में शामिल किया है। वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में पदक जीतने वाले सीनियर वर्ग के खिलाड़ी को पहले 20 लाख रुपये स्वर्ण पदक जीतने पर मिलते थे। वहीं, यूथ खिलाड़ी को सीनियर वर्ग के कैश अवाॅर्ड का एक तिहाई हिस्सा पदक जीतने पर मिलता था। वहीं, जूनियर वर्ग के खिलाड़ी को सीनियर वर्ग के कैश अवार्ड का छठा हिस्सा कैश प्राइज के तौर पर मिलता था।





ये है तमन्ना की उपलब्धियां-

तमन्ना ने वर्ष 2022 में अम्मान, जॉर्डन में आयोजित एशियन यूथ बॉक्सिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता। इसके अलावा 2022 में ही स्पेन में आयोजित यूथ वर्ल्ड वुमेन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता है। वहीं, 2021 में दुबई में आयोजित यूथ एशियन वुमेन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में रजत पदक जीता है। इसके साथ जूनियर में एशियन वुमेन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भी रजत पदक जीता है। वह पदकों के कैश अवार्ड के लिए खेल मंत्रालय में आवेदन कर चुकी है। लेकिन अभी तक उसे कोई कैश अवाॅर्ड नहीं मिला है।





यूथ वर्ग के बॉक्सिंग में पदक विजेता खिलाड़ी को कैश अवाॅर्ड नहीं मिल रहा। जिसके कारण यूथ खिलाड़ियों का हौसला भी टूटता है। जबकि खेल मंत्रालय यूथ वर्ग के खिलाड़ियों को कैश अवॉर्ड देता रहा है। लेकिन जब पदक विजेता यूथ खिलाड़ी ने कैश अवाॅर्ड के लिए आवेदन किया तो पॉलिसी में प्रावधान न होने का हवाला देकर आवेदन रद्द कर दिया।
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-जगदीश कुमार, द्रोणाचार्य अवाॅर्डी बॉक्सिंग कोच।
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