भिवानी। दालों की बढ़ती कीमतों के बीच सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन सस्ती दरों पर दालों की बिक्री कराएगा। दो सरकारी केंद्र और चार निजी दुकानों समेत छह जगहों पर सस्ती दाल दी जाएंगी। इन दुकानों पर पांच तरह की दालें सरकार की ओर से निर्धारित दामों पर मिलेगी। इन केंद्रों के लिए दालों की व्यवस्था थोक विक्रेताओं ने की है। फेस्टिवल सीजन में लोगों को सस्ती कीमत पर दाल मुहैया कराने की इस योजना के तहत थोक विक्रेताओं को डेढ़ से दो लाख रुपये का नुकसान होने का अनुमान है।
सरकार ने पांच दालों दाल मलका, दाल मसूर काली, दाल उड़द छिलका व दाल मूंग छिलका के दाम निर्धारित किए है। जिला प्रशासन को ये दालें निर्धारित दामों पर बिक्री कराने के निर्देश दिए है। चूंकि दुकानदारों को थोक रेट भी निर्धारित से ज्यादा पड़ रहा है तो सभी दुकानदारों से सरकारी दामों पर दालों की बिक्री संभव नहीं हो पाई। ऐसे में जिला प्रशासन थोक विक्रेताओं की सहायता से छह अस्थायी सार्वजनिक केंद्र खोलने का निर्णय लिया। दो केंद्र सार्वजनिक होंगे और चार निजी दुकानों में। सार्वजनिक केंद्रों में कॉओपरेटिव स्टोर और हैफेड सेल प्वाइंट में दालों की बिक्री का काम शुरू हो गया है। बाकी चार और निजी दुकानों कृष्णा कॉलोनी, घंटाघर, रोहतक गेट, घोसियान चौक पर भी बिक्री केंद्र जल्द शुरू करने की तैयारी चल रही है। एक व्यक्ति को इन केंद्रों से दो किलो तक दाल मिलेगी।
नुकसान वहन करेंगे थोक विक्रेता
जिला प्रशासन की ओर से खोले गए छह अस्थायी दाल बिक्री केंद्रों पर दालें मुहैया कराने की जिम्मेवारी दालों के थोक विक्रेताओं को सौंपी गई है। करीब एक सौ किलो दालें पहले दिन बिक्री केंद्रों पर पहुंचाई गई। दालों के सरकारी रेट के चलते थोक विक्रेताओं को करीब डेढ़ से दो लाख रुपये का नुकसान होने की आशंका है। मगर जिला प्रशासनिक अधिकारियों, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों व व्यापारिक संगठनों की मांग पर थोक विक्रेता यह नुकसान उठाने को तैयार हो गए है।
110 रुपये में ला रहे हैं, कैसे 98 रुपये में बेच दें
सरकारी रेट पर दुकानदारों की अलग-अलग प्रतिक्रिया है। कुछ दुकानदारों ने बताया कि सरकार की ओर से चुनी गई दालों में कुछ दालें ऐसी है जिनका थोक रेट 100 से 120 रुपये या इससे ज्यादा है। ऐसे में दुकानदार कैसे दालों को 72 या 78 रुपये में बेच दे। अगर उपभोक्ता अच्छी क्वालिटी की दाल चाहते है तो उन्हें उसी अनुसार दाम देने होंगे। सरकार की ओर से निर्धारित दामों पर अच्छी क्वालिटी या ब्रांडेड दालें नहीं मिल सकती।
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फेस्टिवल सीजन व दालों के बढ़े दामों के चलते सरकार ने पांच तरह की दालों के दाम तय किए है। होल सेल विक्रेता इन तय रेट के अनुसार ही दालों की बिक्री करेंगे। दो अस्थायी सरकारी केंद्रों और चार निजी दुकानों में दालों की बिक्री के केंद्र बनाए जा रहे है। इससे लोगों को सस्ती दरों पर दालें उपलब्ध होंगी।
वेदप्रकाश, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक
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व्यापारियों का उद्देश्य सिर्फ मुनाफा कमाना ही नहीं होता, समाज हित भी है। समाज हित में दालों के थोक व्यापारियों ने फेस्टिवल सीजन में प्रशासन को सरकारी रेट पर दालें देने का निर्णय लिया है। हम उम्मीद करते है कि ज्यादा नुकसान नहीं होगा और जो होगा उसे सभी व्यापारी मिलकर सहन करेंगे।
गिरधारी लाल, प्रधा, किरयाणा व्यापार मंडल