फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bhiwani News: हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण का 10 एमएलडी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट ड्रेन से जुड़ा, फिर भी मानसून में सेक्टरवासी झेलेंगे परेशानी

Wed, 18 Jun 2025 01:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
विज्ञापन
सेक्टर की सड़क पर हुआ जलभराव। 
विज्ञापन
भिवानी। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट प्रेमनगर के पास ड्रेन से जुड़ चुका है, इसके बावजूद मानसून के दौरान सेक्टर 13 और 23 के निवासी जलभराव की समस्या को झेलेंगे। इसकी मुख्य वजह 38 साल पुराने शहर के दोनों सेक्टरों के अंदर ठप पड़े सीवर हैं, जिनकी हाल ही में लाखों का बजट खर्च कर एचएसवीपी ने आधी अधूरी सफाई कराई गई है।
विज्ञापन

ये मामला जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा के सामने भी गूंजा था। मंत्री ने भी अधिकारियों को स्पष्ट हिदायतें दी थी कि जब सरकार ने भुगतान पूरा किया है तो सफाई भी पूरी कराई जाए, संबंधित एजेंसी पर भी कार्रवाई की बात कही थी। लेकिन हालातों में कोई सुधार नहीं हुआ। प्री मानसून से पहले ही लाखों रुपये से की गई सीवर लाइन की सफाई की पोल खुल गई। वहीं एसटीपी तक भी दूषित पानी पहुंचा और गलियों के सीवर मैनहोल ओवरफ्लो कर गए।
बता दें कि भिवानी शहर में वर्ष 1986 में पॉश इलाके सेक्टर 13 और 23 अस्तित्व में आए थे। इसके बाद वर्ष 1992-93 में दोनों सेक्टरों का विकास हुआ। सेक्टर के अंदर आबादी बढ़ी तो यहां सीवरेज के पानी की निकासी और बारिश के पानी की निकासी के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की मांग उठी। सेक्टर 13 में 3,581 मकान हैं, जबकि सेक्टर 23 में 1,000 से अधिक आवास बन चुके हैं। दोनों सेक्टरों के अंदर करीब 4,500 से अधिक आवासीय क्षेत्र में 32,000 से अधिक लोगों की आबादी रह रही है। सेक्टर 13 और 23 के दूषित पानी की निकासी के लिए करीब 16 करोड़ की लागत से 10 एमएलडी क्षमता का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट 2005 में बनाया गया। जिसे 2017 में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा ठेके पर संचालित कराना पड़ा। लेकिन सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के दूषित पानी की ड्रेन तक निकासी की व्यवस्था हाल ही में कराई गई है।
विज्ञापन


भिवानी-जींद हाईवे के क्रॉसिंग कर प्रेमनगर के पास ड्रेन से जुड़ा एसटीपी
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट भिवानी-जींद हाईवे के नीचे पाइप लाइन क्रॉसिंग के जरिए प्रेमनगर के पास भिवानी-घग्गर ड्रेन से जुड़ा है। हालांकि सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की कुछ हिस्से में चैनल को भी पक्का किया गया है, ताकि किनारे टूटकर पानी खेतों की ओर रुख न करें। पहले एसटीपी का दूषित पानी आसपास के खेतों में चला जाता था, जिससे किसानों की फसल भी खराब होती और उन्हें नुकसान झेलना पड़ता था। मगर अब एसटीपी को ड्रेन तक चालू कर दिया है। एसटीपी को भी एजेंसी के माध्यम से संचालित कराया जा रहा है। जिसमें करीब 14 कर्मचारी तैनात किए गए हैं।

अवैध कब्जों की वजह से बरसाती चैनल गायब
सेक्टरों के अंदर बरसाती चैनल अवैध कब्जों की भेंट चढ़ चुके हैं। हालांकि नगर परिषद सेक्टरों के अंदर बरसाती पानी की निकासी के लिए करोड़ों के बजट से पाइप लाइन डालने का दावा कर रही है। लेकिन अभी तक अधिकारी केवल फाइलों में ही उलझे हुए हैं, धरातल पर कोई काम शुरू नहीं हुआ है। जिसकी वजह से न सीवर के पानी की लाइनों में सही से निकासी हो रही है न ही बारिश के पानी की निकासी का कोई बंदोबस्त है।
-
अधिकारी बजट पर कर रहे लीपापेती, उच्च स्तरीय जांच की मांग

सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तक दूषित पानी को पहुंचाने वाले डिस्पोजल पर उच्चाधिकारियों तक शिकायत किए जाने के बाद पंपिंग क्षमता तो बढ़ा दी गई है। सेक्टरों के सीवर की सफाई का काम भी ठेके पर कराया गया है, लेकिन एजेंसी ने आधी अधूरी सफाई की है। मैंने ये मामला कष्ट निवारण समिति की बैठक में मंत्री के सामने रखा। जिस पर मंत्री ने संज्ञान लिया और अधिकारियों को भी निर्देश दिए, लेकिन इसके बावजूद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं है। थोड़ी सी बारिश में सीवर मैनहाल ओवरफ्लो हो रहे हैं, प्री मानसून और मानसून में सेक्टरों का क्या हाल होगा ये किसी से छिपा नहीं है। लेकिन अधिकारी महज कागजी खानापूर्ति कर बजट पर लीपापोती में ही लगे हैं। इसकी उच्च स्तरीय जांच कराए जाने की मांग की है।
-रामकिशन शर्मा, अध्यक्ष दी रेजीडेंस वेलफेयर एसोसिएशन, सेक्टर 13 भिवानी।




एचएसवीपी के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का संचालन एजेंसी के माध्यम से कराया जा रहा है। एसटीपी से लेकर ड्रेन तक की लाइन का काम पूरा हो चुका है। बारिश के दौरान सेक्टरों में कोई दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। मानसून से पहले सीवर लाइन की सफाई का काम भी कराया जा रहा है।
विज्ञापन

-भूपेंद्र सिंह, कार्यकारी अभियंता, एचएसवीपी, हिसार।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें