राज्य चौकसी ब्यूरो हरियाणा ने सोमवार को भिवानी के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में छापामार कर 12 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए आईटीआई के प्राचार्य अनिल कुमार यादव को रंगे हाथों पकड़ा। राजकीय आईटीआई का प्राचार्य हरियाणा कौशल रोजगार निगम के तहत लगे कर्मचारियों से नौकरी में बने रहने के लिए प्रति माह प्रति कर्मचारी दो हजार रुपये की उगाही करता था। उगाही से तंग कर्मचारियों ने राज्य चौकसी ब्यूरो हिसार को शिकायत देकर उसे रंगे हाथों पकड़वाया।
भिवानी के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य अनिल यादव को भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत पकड़े जाने पर स्टेट विजिलेंस ब्यूरो हिसार के निरीक्षक अजीत गिल ने बताया कि आरोपी प्राचार्य से 12 हजार रुपये की राशि बरामद हुई है। स्टेट विजिलेंस ब्यूरो को हरियाणा कौशल रोजगार निगम के तहत लगे एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी विकास कुमार ने शिकायत दी थी कि आईटीआई का प्राचार्य यहां पर लगे छह कर्मचारियों से प्रति माह दो हजार रुपये की उगाही कर रहा है। पैसे न देने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की धमकी देता है।
प्राचार्य के शोषण से तंग होकर कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व कर रहे विकास कुमार ने राज्य चौकसी ब्यूरो हिसार को शिकायत दी। जिसके बाद राज्य चौकसी ब्यूरो के निरीक्षक अजीत गिल की टीम भिवानी पहुंची और विकास को पाउडर लगे 12 हजार रुपये लेकर प्राचार्य द्वारा बताई गई जगह पर भेजा। जैसे ही प्राचार्य ने आईटीआई के रेस्ट हाउस में विकास से रिश्वत के 12 हजार रुपये पकड़कर अपनी जेब में डाले तुरंत टीम ने पहुंचकर उसके हाथ धुलवाए तो उसकी जेब और हाथ दोनों का रंग गुलाबी हो गया। विजिलेंस निरीक्षक ने बताया कि आरोपी प्रचार्य अनिल कुमार यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा 384 व 7-पीसी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।