भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा सीट से श्रुति चौधरी का टिकट कटने के बाद शनिवार को अपने आवास पर कांग्रेस समर्थकों की बैठक में मां-बेटी काफी भावुक नजर आईं। किरण चौधरी के समर्थक भी काफी मायूस नजर आए। वहीं, कांग्रेस की वरिष्ठ महिला नेता एवं तोशाम से विधायक किरण चौधरी ने कहा कि पार्टी का फैसला सिर माथे पर है।
भिवानी-महेंद्रगढ़ सीट से राव दान सिंह कांग्रेस के प्रत्याशी हैं। इस सीट पर काफी अरसे से पूर्व मुख्यमंत्री बंसीलाल के परिवार का वर्चस्व है। वर्ष 2009 में जीत के बाद पिछले दो लोकसभा चुनाव में श्रुति चौधरी को भाजपा सांसद से हार का सामना करना पड़ा था। इस बार टिकट कटने से श्रुति चौधरी चुनावी मैदान से ही बाहर हैं।
ऐसे में कार्यकर्ताओं को जोड़े रखना दोनों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। श्रुति का टिकट कटने के बाद से उनके समर्थक मायूस हैं। कांग्रेस की हुई बैठक में यह मायूसी श्रुति के साथ-साथ कार्यकर्ताओं के चेहरों पर भी झलक रही थी। भीड़ में कुछ समर्थक तो ऐसे भी थे जो दबी जुबान में बोल रहे थे कि हुड्डा गुट बाजी मार गया।
हम पार्टी से बंधे हुए सिपाही : किरण
किरण चौधरी ने कहा कि कांग्रेस की सच्ची सिपाही हैं। वे कांग्रेस में हैं और आगे भी रहेंगी। राव दान सिंह को प्रत्याशी बनाना पार्टी का फैसला है। यह फैसला सिर-माथे पर है। हम पार्टी से बंधे हुए सिपाही हैं। किरण चौधरी ने राव दान सिंह को टिकट मिलने पर कहा कि उन्होंने जितना हमारे लिए काम किया था, उससे भी जबरदस्त काम हम उनके लिए करेंगे।
वह चाहती है यह सीट निकले : श्रुति
श्रुति चौधरी ने कहा पार्टी ने उन्हें 2009, 14 और 19 में मौका दिया। 2014 और 19 में संघर्ष के वक्त में चुनाव लड़ा। पार्टी ने जो निर्णय लिया है वो उनका निर्णय है। हम पार्टी के सिपाही हैं और पार्टी के साथ हैं। भावुक हुई श्रुति ने क्षेत्र को अपना परिवार बताया। जो भी मेरी क्षमता है मैं लोगों की सेवा में रहूंगी। टिकट कटना भावुक पल है। श्रुति चौधरी ने कहा कि पिता सुरेंद्र सिंह और दादा पूर्व मुख्यमंत्री बंसीलाल के जीवन में भी ऐसे मौके आए पर धैर्य बनाए रखा। इन निर्णय से कार्यकर्ता निराश न हो आगे बहुत कुछ है। राव दान सिंह के बारे में श्रुति ने कहा कि अब तो वो देखेंगे कि चुनाव कैसे आगे आगे बढ़ता है और वो चाहती हैं कि यह सीट निकले।