भिवानी। शक्ति साधना का महत्वपूर्ण पर्व गुप्त नवरात्र 19 से 27 जनवरी तक रहेगा। सनातन धर्म में नवरात्र को अत्यंत पवित्र पर्व माना गया है। देवसर धाम के पुजारी पंडित विक्रम पुजारी ने बताया कि हिंदू धर्म शास्त्रों में कुल चार नवरात्र का वर्णन मिलता है। चैत्र और शारदीय नवरात्र के अलावा दो गुप्त नवरात्र होते हैं जिनमें एक माघ और दूसरा आषाढ़ महीने में पड़ता है।
पंडित विक्रम पुजारी ने बताया कि माघ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से गुप्त नवरात्र की शुरुआत होती है जो नवमी तिथि तक चलते हैं। इस वर्ष माघ गुप्त नवरात्र का आरंभ 19 जनवरी से होगा और समापन 27 जनवरी को होगा। इस दौरान उपासक मां दुर्गा की नौ दिनों तक गुप्त रूप से शक्ति साधना करते हैं। गुप्त नवरात्र में मां दुर्गा की दस महाविद्याओं की पूजा का विशेष विधान है। इसे सिद्धि और कामनापूर्ति का पर्व माना जाता है। मान्यता है कि इस अवधि में मां शक्ति की साधना करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और तंत्र-मंत्र व विशेष पाठ के माध्यम से साधक अपनी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।
उन्होंने बताया कि इस नवरात्र में प्रतिपदा को काली, द्वितीया को तारा देवी, तृतीया को छिन्नमस्ता, चतुर्थी को षोडशी, पंचमी को भुवनेश्वरी (महासरस्वती), षष्ठी को त्रिपुरभैरवी, सप्तमी को धूमावती, अष्टमी को बगलामुखी, नवमी को मातंगी तथा दशमी को कमला (कमलात्मिका) की पूजा-अर्चना की जाती है।
ये रहेगा घटस्थापना मुहूर्त
पुजारी विक्रम महाराज ने बताया कि इस बार नवरात्र की शुरुआत और समापन दोनों ही सर्वार्थ सिद्धि योग में हो रहे हैं। घटस्थापना के लिए शुभ मुहूर्त 19 जनवरी को सुबह 6 बजकर 43 मिनट से 10 बजकर 24 मिनट तक रहेगा। वहीं अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 53 मिनट से शुरू होकर 12 बजकर 36 मिनट तक रहेगा।