भिवानी। विधानसभा चुनावों में क्रिटिकल मतदान केंद्रों पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए ग्राम पंचायतें मोर्चा संभालेंगी। जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर संबंधित ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधि और मौअजिज लोग शांति पूर्वक मतदान कराने में अहम भूमिका निभाएंगे।
क्रिटिकल मतदान केंद्रों का औचक निरीक्षण कर प्रशासन ने जरूरी व्यवस्थाएं कराए जाने के संबंध में निर्देश दिए थे। गांव तालू, धनाना, मुंढाल क्षेत्र के क्रिटिकल बूथों की बारीकी से व्यवस्था भी जांची थी। इस दौरान यहां जरूरी सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएंगी। शांतिपूर्वक मतदान प्रक्रिया में भी ग्राम पंचायतों का अहम योगदान रहेगा। हालांकि जिला प्रशासन की तरफ से चुनाव आयोग की हिदायतों के अनुसार पर्याप्त सुरक्षा बल भी तैनात किया जाएगा।
हर चुनाव में गांवों के अंदर गुटबाजी हो जाती है। ऐसे में दंगा भड़कने और मतदान की प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका भी रहती है। हालांकि पिछले लोकसभा चुनावों में क्रिटिकल बूथों पर भी शांतिपूर्वक मतदान हुआ था। इसके बाद से प्रशासन विधानसभा चुनावों में भी इसी तरह का माहौल जिले के सभी चारों विधानसभा क्षेत्रों में बनाने में जुटा है। इसके लिए अधिकारी मतदान बूथों का निरीक्षण कर यहां व्यवस्थाएं पहले से ही बनाने के भी निर्देश दे चुके हैं।
बवानीखेड़ा विधानसभा में ये हैं क्रिटिकल बूथ
गांव धनाना के बूथ नंबर 110, 113, 114 व 115 एवं गांव तालू के बूथ नंबर 58 और गांव मुढ़ाल के बूथ नंबर 38, 39 व 40 क्रिटिकल हैं। पांच अक्तूबर को मतदान होगा। ऐसे में लोग बिना किसी भय के मतदान केंद्र तक पहुंचे, इसके लिए भी चाक चौबंद व्यवस्थाएं प्रशासन मुहैया कराएगा।
उम्मीदवारों के चुनावी खर्च पर जिला प्रशासन की पैनी नजर : उपायुक्त
भिवानी। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त महावीर कौशिक ने कहा कि विधानसभा का चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार अपने चुनाव व्यय रजिस्टर को प्रतिदिन के हिसाब से रख-रखाव करें। एक उम्मीदवार का चुनाव खर्च निर्वाचन आयोग से तय की गई निर्धारित सीमा 40 लाख रुपये से अधिक नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि व्यय पंजिका के तीन भाग हैं, जिसे सफेद, गुलाबी, पीले कागजों के रूप में ए, बी, सी भाग में विभाजित किया गया है। सफेद ए भाग में रोजाना के खर्च को लिखा जाएगा। बी गुलाबी भाग में नकद लेन-देन और सी पीले कागजों वाले भाग में बैंक से किए गए लेन-देन को दर्ज किया जाएगा।
उपायुक्त कौशिक ने कहा कि खर्च टीम मतदान से पहले दो बार उम्मीदवारों की व्यय पंजिका को जांचेगी। इसलिए उम्मीदवार स्वयं या उनके प्रतिनिधि अपना चुनाव व्यय पंजिका लेकर कार्यालय समय में उनके समक्ष उपस्थित होंगे। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में वीडियो सर्विलांस दल उम्मीदवार के चुनाव प्रचार एवं व्यय की वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहे हैं। जो भी खर्च इन वीडियो क्लिप में रिकाॅर्ड होगा, उसे निर्धारित दरों के हिसाब से उम्मीदवार के शैडो रजिस्टर में दर्ज कर लिया जाएगा।