हरियाणा के भिवानी के तोशाम क्षेत्र के ग्राम पंचायत तोशाम ने डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने की सुविधा मुहैया करवाकर एक नई नजीर पेश की है। तोशाम की हर गली मोहल्ले से ट्रैक्टर-ट्रॉलियां के माध्यम से कूड़ा एकत्रित किया जाता है। सफाई कर्मचारियों की टीम हर गली में नालियों व गली की सफाई के लिए पहुंच जाती है।
ग्राम पंचायत के पास कूड़ा एकत्रित करने के लिए चार ट्रैक्टर-ट्रॉलियां व एक टाटा एस गाड़ी है। ग्राम पंचायत के पास महीने के करीब दस लाख रुपये दुकानों का किराया आमदनी का मुख्य स्रोत है। सफाई आदि व्यवस्था के लिए ग्राम पंचायत ने 65 कर्मचारी रखे हुए हैं। ग्रामीण तोशाम ग्राम पंचायत के इस अभियान की तारीफ करते नहीं थकते। सुबह दिन निकलते ही गली में ट्रैक्टर के हॉर्न की आवाज सुनकर गृहिणी घर के बाहर डस्टबिन लेकर पहुंच जाती हैं और ट्रॉली में कूड़ा डाल देती हैं। इससे सफाई व्यवस्था दुरुस्त रहती है।
सफाई पर खर्च होते हैं पांच लाख रुपये
तोशाम ग्राम ने पंचायत डोर टू डोर कूड़ा उठाने, गलियों, चौक-चौराहों, मुख्य मार्गों आदि पर सफाई व्यवस्था व अन्य कार्यों के लिए 65 कर्मचारी रखे हुए हैं। पंचायत की ओर से इसके लिए प्रति महीना पांच लाख रुपये की राशि खर्च की जाती है।
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ग्राम पंचायत की 204 दुकानें आमदनी का मुख्य स्रोत
ग्राम पंचायत तोशाम ने आमदनी के लिए 204 दुकानों का निर्माण करवाकर किराए पर दे रखा है। इससे प्रति महीना दस लाख की आमदनी है।
जिले की एकमात्र झील तोशाम में
तोशाम ग्राम पंचायत ने एक सुंदर झील का निर्माण करवाया हुआ है। जिस पर किश्ती भी चलती हैं। काफी पक्षी भी यहां छोड़ रखे हैं। एरिया में यह आकर्षण का केंद्र है, जिले के लोग यहां घूमने के लिए आते हैं।
बाबा मुंगीपा पहाड़ को पर्यटन के रूप में विकसित करने का प्रयास
निवर्तमान सरपंच देवराज गोयल बताते हैं कि बाबा मुंगीपा आसपास के गांवों के लिए एक आस्था का केंद्र है। जिस को पर्यटन के रूप में विकसित करने का प्रयास किया गया है। पहाड़ के चारों तरफ फिरनी बनाई गई है। इसके अलावा अच्छे-अच्छे पौधे लगाए गए हैं और बड़ी-बड़ी सुंदर मूर्तियों का निर्माण करवाने के साथ-साथ श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह बैठने के लिए कुर्सियां लगाई गई है।
ग्राम सचिव बलजीत कुमार ने बताया कि 204 दुकानें ग्राम पंचायत की आमदनी का प्रमुख साधन हैं। डोर टू डोर कूड़ा उठाने और गलियों में सफाई आदि के लिए कर्मचारी रखे हुए हैं। दुकानों से करीबन 10 लाख की आमदनी प्रति महीना है। सफाई आदि व्यवस्था के लिए पंचायत के पास ट्रैक्टर आदि स्वयं के संसाधन हैं।