सरसों की सरकारी खरीद के लिए सुबह आठ बजे किसान मंडी पहुंच गए, लेकिन शाम छह बजे तक भी सरसों की खरीद नहीं हुई। दिनभर झुलसती गर्मी में किसान भूखे-प्यासे परेशान हुए। हैरानी तो इस बात की है कि खरीद की तैयारियों का दम भरने वाले अधिकारी शाम तक हैंडलिंग एजेंट बनाने में जुटे रहे। 10 घंटे तक किसानों को गर्मी में खरीद के लिए मंडी में ही फसल के साथ इंतजार करना पड़ा। पहले दिन चार गांवों के किसानों को बुलाया गया था। भिवानी की चारा मंडी और मुख्य अनाज मंडी के अंदर सरसों की सरकारी खरीद बुधवार से शुरू की गई थी। लेकिन पहले ही दिन सरकारी खरीद को लेकर इंतजामों की पोल खुल गई। मंडी में पहुंचे किसानों को मजदूर तक नहीं मिले, किसान खुद ही ट्रैक्टर ट्राली से सरसों की फसल को नीचे उतारने लगे।
भिवानी जिला मुख्यालय की मंडी सहित जिले भर की 32 मंडियों में बुधवार से सरसों की सरकारी खरीद शुरू की गई। मेरी फसल मेरा ब्योरा पर रजिस्ट्रेशन कराने वाले किसानों के पास मैसेज भेजकर सुबह आठ बजे फसल लेकर पहुंचने के निर्देश दिए गए। मैसेज के अनुसार किसान भी फसल के साथ सुबह आठ बजे मंडी पहुंच गए। दोपहर एक बजे तक किसानों को गेट पास ही मिले, मगर खरीद नहीं हुई।
मार्केटिंग बोर्ड अधिकारियों ने सुबह और शाम को सरसों खरीद का शेडयूल जारी किया हुआ है। चारा मंडी में गांव ढाणा नरसाण, हालुवास के किसानों की सरसों खरीद निर्धारित की गई। जबकि भिवानी मुख्य मंडी में गांव निमड़ीवाली और भिवानी लोहड़ शामिल किया गया। भिवानी चारा व अनाज मंडी में जब सरकारी खरीद में शामिल होने पहुंचे किसानों का कहना था कि सुबह से फसल लेकर यहां डेरा डाले हुए हैं। मगर उनकी फसल को देखते तक यहां कोई नहीं पहुंचा है। गेट पास लेकर केवल फसल नीचे उतारी है।
सामुदायिक दूरी के नियमों की भी उड़ी धज्जियां
अनाज मंडी में सरसों खरीद शुरू होने के पहले दिन सामुदायिक दूरी के नियमों की भी खूब धज्जियां उड़ी। हालांकि मार्केटिंग बोर्ड द्वारा किसानों को सैनिटाइज किए जाने और मास्क उपलब्ध कराने के प्रबंध किए गए थे। लेकिन मंडी के मजदूरों के पास मास्क तक नहीं थे और वे झुंड बनाकर आपस में बैठे बातचीत करते दिखाई दिए। उन्हें कोरोना वायरस जैसी बीमारी के संक्रमण का भी कोई ज्ञान नहीं था और न ही सुरक्षा के कोई इंतजाम नजर आए।
ये बोले किसान: नहीं बैठने और पीने के पानी के भी इंतजाम
मैं सुबह आठ बजे फसल लेकर आया था। लेकिन दोपहर एक बजे बाद मेरी फसल ट्रैक्टर से नीचे उतारी गई। शाम छह बजे तक भी उस फसल की कोई खरीद नहीं कराई गई। मंडी में पीने के पानी और आराम के लिए भी कोई इंतजाम नहीं है। किसान एक जगह से दूसरी जगह घूमते रहे, किसी ने कोई नहीं सुनी।
- अजीत सिंह, पूर्व सरपंच ढाणा नरसान।
मुझे एक दिन पहले फोन पर मैसेज मिला था, इसके बाद मंडी में सरसों लेकर आया। पहले मुख्य मंडी गया और वहां से मुझे चारा मंडी भेजा गया। दोपहर तक उसे खरीद के बारे में कोई सूचना ही नहीं दी गई। इंतजार करते करते शाम पांच भी बज गए, दस घंटे से खरीद का इंतजार कर रहे हैं। यहां पर खरीद को लेकर कोई इंतजाम नहीं थे।
- सतीश कुमार, ग्रामीण ढाणा नरसान।
हैंडलिंग एजेंट से बातचीत चल रही है। सरकार की हिदायतों को लेकर कुछ एजेंट अभी भी असंमजस में हैं। अगर हैंडलिंग एजेंट तैयार होते हैं तो खरीद तुरंत शुरू कर दी जाएगी। देर शाम तक भी फसल खरीदी जाएगी।
- अमित नैन, पर्चेजर चारा मंडी भिवानी।
हैंडलिंग एजेंट एग्रीमेंट के लिए लेटर हैड पर लिखित में सरकार की शर्तों की अनुमति ली जा रही है। आज खरीद का पहला दिन था और हैंडलिंग एजेंट की एग्रीमेंट को लेकर भी कुछ दिक्कतें चल रही थी। देर शाम तक भी किसानों की फसल खरीद की जाएगी।
- संदीप देशवाल, परर्चेज इंचार्ज भिवानी अनाज मंडी।
सभी आढ़ती सरकार की हिदायतों के अनुसार सरसों की खरीद में सहयोग देंगे। आज पहला दिन था, इसी वजह से खरीद में देरी हुई है। देर शाम तक सरसों खरीद सुचारु करा दी जाएगी।
- रामनिवास गुप्ता सिवानीवाला, प्रधान ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन भिवानी।