मैटीरियल सप्लायर ठेकेदार से बिल पास करने के बाद 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगने वाले नगर परिषद के अकाउंट क्लर्क को तीन साल कैद व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। यह फैसला अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गुरविंद्र कौर की अदालत ने सुनाया।
मामला 29 अप्रैल 2014 का है। निमड़ीवाली वासी मैटीरियल सप्लायर ठेकेदार सुधीर ने शिकायत की थी कि उसके एक लाख 60 हजार रुपये के बिल पास करने के बदले नगर परिषद का अकाउंट क्लर्क मुकेश 10 हजार रुपये रिश्वत मांग रहा है। इसके बाद विजिलेंस की टीम ने अकाउंट क्लर्क को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया।
इसी मामले में सुनवाई करते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गुरविंद्र कौर ने रिश्वत लेने के आरोपी क्लर्क मुकेश को दोषी करार दिया। दोषी को विभिन्न धाराओं के तहत तीन साल कैद व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। जुर्माना नहीं भरने पर अतिरिक्त सजा होगी।