तोशाम। गांव खानक में करीब तीन साल पहले 38 लाख की लागत से बने कॉमन सर्विस सेंटर को आज भी उद्घाटन का इंतजार है। सेंटर में रखे उपकरण व अन्य सामान खराब हो रहे हैं। जबकि निर्माण कराने वाली कंपनी ने यहां ट्रेनर रखने के लिए जिला बाल कल्याण विभाग को कुछ बजट दे भी दिया है। गांव के युवाओं ने निर्माण कराने वाली संस्था को ही पत्र भेजकर सेंटर का संचालन शुरू कराने की मांग की है।
हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलेपमेंट कार्पोरेशन(एचएसआईआईडीसी) ने गांव खानक के युवाओं के लिए एक कॉमन सेंटर बनाया ताकि युवक-युवतियां गांव में ही कंप्य़ूटर, आर्चरी व ब्यूटीशियन प्रशिक्षण प्राप्त कर स्वावलंबी बन सकें। इसके लिए एचएसआईआईडीसी ने 13 सितंबर 2019 को जिला बाल कल्याण अधिकारी के खाते में 37 लाख 98 हजार रुपये भेज दिए। इसमें से कंप्यूटर सेंटर के लिए 9 लाख 90 हजार ब्यूटीशियन सेंटर के लिए 4 लाख 28 हजार, लाइब्रेरी के लिए 6 लाख 52 हजार, क्रॉफ्ट सेंटर के लिए 2 लाख 60 हजार, तीरंदाजी अकेडमी के लिए 10 लाख 32 हजार व हेल्थ सेंटर के लिए 4 लाख 36 हजार रुपये अलाट किए गए हैं। बजट मिलने के बाद ग्राम पंचायत द्वारा उपलब्ध करवाए गए भवन में प्रशिक्षण से संबंधित सामान भी लाकर लगा दिया, लेकिन कॉमन सेंटर शुरू नहीं हो पाया। जिला बाल कल्याण विभाग ने पहले कोरोना के चलते मामले को टाल दिया और अब लेटलतीफी में मामला अटका है। इस कारण भवन में रखा सामान भी खराब हो रहा है। ग्रामीण कन्हैया लाल, कृष्ण व विनोद आदि का कहना है कि इस केंद्र से युवाओं को गांव में ही कंप्यूटर प्रशिक्षण, लड़कियों के लिए ब्यूटीशियन, क्रॉफ्ट, आदि का प्रशिक्षण मिलना है। युवा अपने गांव में बनने वाली आर्चरी अकेड़मी के लिए काफी उत्साहित हैं। युवाओं को इनसे संबधित कोचिंग के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
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अभी ट्रेनर भी नहीं हो पाए नियुक्त
एचएसआईआईडीसी के लीगल मैनेजर सुनील कुमार का कहना है कि कंपनी ने अपने सीएसआर फंड के तहत गांव के युवाओं को खेल और अन्य कौशल विकास के लिए सेंटर विकसित किया है। कंप्यूटर, ब्यूटीशियन, क्रॉफ्ट सेंटर, तीरंदाजी एकेडमी में ट्रेनिंग देने के लिए ट्रेनरों का एक साल का वेतन भी एचएसआईआईडीसी द्वारा जिला बाल कल्याण विभाग के खाते में डाल दिया गया है। लेकिन अभी ट्रेनरों की नियुक्ति नहीं होने के कारण काम रुका है। परंतु पिछले तीन साल से जिला बाल कल्याण विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। कंपनी द्वारा लगाया गया रुपया भी व्यर्थ हो रहा है। सामान भी लगातार खराब हो रहा है। इस बारे में उपायुक्त को सूचित किया जाएगा।
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वर्जन--
अभी इस सेंटर के लिए स्टॉफ की नियुक्ति होनी बाकी है। यहां सात प्रोजेक्ट हैं। जिला उपायुक्त से इस मामले में बात हुई है। जल्द ही प्रशिक्षकों की भर्ती कर कॉमन सेंटर का संचालन शुरू किया जाएगा।
ओमप्रकाश, जिला बाल कल्याण अधिकारी