भिवानी। अब सामान्य अस्पताल में ही मरीजों को कारपोरेट अस्पताल की तर्ज पर सुविधाएं मिलेंगी। न केवल सामान्य अस्पताल बल्कि चरखी दादरी अस्पताल, सीएचसी तोशाम, पीएचसी जमालपुर में भी बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी। दरअसल स्वास्थ्य विभाग ने भिवानी सामान्य अस्पताल समेत इन चयनित स्वास्थ्य केंद्रों को नेशनल एक्रीडेशन बोर्ड ऑफ हॉस्टिपल एंड हेल्थ के नियमानुसार अपग्रेड करने का निर्णय लिया है।
16 दिसंबर को चंडीगढ़ में स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक चिकित्सा विभाग के अधिकारियों की बैठक में चिकित्सा व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर विचार-विमर्श किया गया था। इसमें निर्णय लिया गया कि प्रत्येक जिले के जिला अस्पताल, सब अस्पताल, एक सीएचसी व एक पीएचसी को नेशनल एक्रीडेशन बोर्ड ऑफ हॉस्टिपल एंड हेल्थ के नियमानुसार अपग्रेड किया जाए। बैठक के फैसले के अनुसार प्रदेशभर में 84 चिकित्सा संस्थानों को अपग्रेड किया जाना है। इस मीटिंग के बाद 30 जनवरी को सभी सिविल सर्जन के पास महानिदेशक ने पत्र भेजा और जिला अस्पताल के अलावा एक सब अस्पताल, एक सीएचसी, एक पीएचसी को एनएबीएच के नियमानुसार अपग्रेड करने के लिए नाम मांगे गए है। तीन दिन के अंदर सभी सिविल सर्जन को ये नाम देने थे। इसके तहत भिवानी से सामान्य अस्पताल के अलावा चरखी दादरी सब अस्पताल, सीएचसी तोशाम, पीएचसी जमालपुर के नाम भेजे गए है। अब इन्हें कारपोरेट अस्पतालों की तर्ज पर डेवलप किया जाएगा।
- 24 घंटे डाक्टर, हर तरह के टेस्ट और दवाइयों की होगी सुविधा
नेशनल एक्रीडेशन बोर्ड ऑफ हॉस्टिपल एंड हेल्थ स्वास्थ्य सेवाओं के मानक तय करता है और उसी को लाइसेंस देता है, जो नियमों पर खरे उतरे। अगर चिकित्सा संस्थानों को एनएबीएच की तर्ज पर अपग्रेड किया जाता है तो इन संस्थानों में मरीजों को सभी सुविधाएं मिलेगी। सबसे अहम 24 घंटे डाक्टर, जिला अस्पताल में मुख्य बीमारियों के विशेषज्ञ, मरीज भर्ती करने की सुविधा, सभी प्रकार के टेस्टों की सुविधा, सभी प्रकार की दवाइयों की सुविधा, अनुभवी स्टाफ आदि सुविधाएं मिलेंगी।
- अव्यवस्थाओं से जूझ रही स्वास्थ्य सेवाएं
स्वास्थ्य विभाग भले ही स्वास्थ्य सेवाओं को अपग्रेड करने की प्लानिंग कर रही हो मगर फिलहाल हालात ये है कि न अधिकतर रोगों के विशेषज्ञ डाक्टर है और न ही सुविधाएं। अस्पताल में ईएनटी, स्कीन, मनोचिकित्सक, मनोरोग चिकित्सक समेत अनेक रोगों का कोई चिकित्सक नहीं है। इसके अलावा आईसीयू होने के बाद भी यह सुविधा नहीं मिल रही। सभी तरह के टेस्ट भी लैब में नहीं हो रहे।
वर्जन:::
एनएबीएच के तहत जिले के चार चिकित्सा संस्थानों को अपग्रेड किया जाना है। हमारा प्रयास है कि मरीजों को सामान्य अस्पताल, सब अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिले। -डा. रणदीप पूनिया, सिविल सर्जन