भिवानी। कस्बा बवानीखेड़ा स्थित सामान्य अस्पताल भवन जर्जर हाल में है। इसके साथ ही अस्पताल में चिकित्सा विशेषज्ञों के साथ ही दवाओं का भी टोटा बना हुआ है। वहीं चिकित्सा विशेषज्ञों के सभी पद खाली पड़े हैं। फार्मासिस्ट, रेडियोग्राफर जैसे पद भी खाली हैं। अस्पताल पिछले लंबे समय से असुविधाओं के आंसू बहा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से अस्पताल को कंडम घोषित किया जा चुका है। लेकिन इसके बावजूद अभी तक भवन निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। कस्बावासी अब नए भवन बनाने की मांग कर रहे हैं
कस्बावासियों के साथ ही अस्पताल कर्मचारी व चिकित्सक भी परेशान हैं। आपातकालीन विभाग में भी सुविधाओं की कमी है। संवाद न्यूज एजेंसी पिछले पांच दिन से बवानीखेड़ा मांगे हक अभियान के तहत लोगों से बात कर अस्पताल के हालात को बारीकी से समझने की कोशिश कर रहा है। इस दौरान अभियान को अस्पताल के कर्मचारियों व चिकित्सकों सहित कस्बावासियों का सहयोग मिल रहा है। लेकिन अस्पताल कर्मचारी व चिकित्सक नाम नहीं छापने की शर्त पर अपना दर्द बयां कर रहे हैं। वहीं कस्बावासी खुल कर अस्पताल की असुविधाओं को लेकर अपने विचार रख रहे हैं। रविवार को भी टीम ने कस्बे के लोगों से बातचीत की। इस दौरान अभियान की सराहना करते हुए लोगों ने अपने विचार रखे।
अस्पताल का भवन जर्जर हाल में है। इसमें चिकित्सकों की कमी बनी हुई है। इसके साथ ही अल्ट्रासाउंड मशीन की सुविधा यहां होनी चाहिए। इसके लिए मैंने नगर पालिका की हाउस मीटिंग में बात रखी थी। अगर यहां अल्ट्रासाउंड की सुविधा शुरू होती है तो कस्बे से साथ ही आस-पास के गांवों के लोगों को भी फायदा होगा। अगर कस्बे में यह सुविधा शुरू होती है तो गर्भवती महिलाओं व पेट दर्द संबंधित मरीजों को भिवानी व हांसी जैसे शहरों का रास्ता नहीं नापना पड़ेगा। स्थानीय विधायक से मुलाकात कर इस बारे में मजबूती से आवाज उठाएंगे। स्वास्थ्य सुविधा कस्बे की मूलभूत सुविधाओं में से एक है। प्रशासन को अस्पताल में सुविधाओं का विस्तार करना चाहिए।
-बलराम गुर्जर, पार्षद, वार्ड नंबर 11 नगर पालिका बवानीखेड़ा।
कस्बे के सरकारी अस्पताल में सुविधाओं की कमी लंबे समय से चली आ रही है। इसके लिए पहले भी आवाज उठाई गई थी। लेकिन एक ही जवाब आता है कि इसको 100 बेड का किया जाएगा। इसका निर्माण किया जाएगा। लेकिन फिलहाल तो इसका निर्माण शुरू नहीं किया गया है। इसके अलावा सुविधाओं की कमी भी अस्पताल में बनी हुई है। इसके निर्माण से पहले तो अस्पताल में जो कमी है उनको तो ठीक किया जाए। चिकित्सकों व दवाओं की तो पूर्ति की जाए। प्रशासन को अस्पताल निर्माण कार्य जल्दी ही शुरू कर देना चाहिए। कस्बे के लोगों की ये जायज मांग है। अस्पताल निर्माण शुरू नहीं होने के कारण कस्बावासियों के साथ ही अस्पताल कर्मचारी व चिकित्सक भी परेशान हैं।
-बच्चन सिंह तंवर, पूर्व पार्षद, नगर पालिका बवानीखेड़ा।
अस्पताल में कभी भी दवा लेने चले जाओ। वहां दवा खत्म ही मिलती है। पूरी दवा तो कभी नहीं मिलती। इसके साथ ही अस्पताल में सुविधाओं की कमी है। चिकित्सकों के लिए बैठने की जगह नहीं है। एक कमरे में तीन चिकित्सक बैठ कर तो इलाज करते रहते हैं। मरीजों को कैसी सुविधा मिलेगी। अस्पताल की छतों से सीमेंट का प्लास्टर उखड़ कर नीचे गिर रहा है।
-मदन सिंह, नागरिक बवानीखेड़ा।