भिवानी। सफाई और दमकल कर्मचारियों की हड़ताल के पांचवें दिन सोमवार को कूड़ा उठान कर्मचारियों के भी हड़ताल के समर्थन में काम बंद करने से शहर में सफाई व्यवस्था बिगड़ गई। घर-घर कूड़ा उठाने वाले टिप्पर के पहिये थमने से शहर में करीब 35 जगहों पर लगभग डेढ़ टन कचरे के ढेर लग गए।
कई स्थानों पर लोगों ने खराब बिस्तर और पशुओं का गोबर भी डाल दिया। इससे आसपास के क्षेत्रों में दुर्गंध फैलने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अब तक सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बावजूद रोजाना कूड़ा उठान हो रही थी लेकिन सोमवार को कूड़ा उठान कर्मचारियों के भी काम बंद करने से हालात और बिगड़ गए।
सर्कुलर रोड स्थित कृष्णा कॉलोनी मोड़, बर्तन बाजार, वैश्य स्कूल-दिनोद गेट, इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट मार्केट के नुक्कड़ समेत शहर में करीब 34 स्थानों पर कचरे के ढेर लगे रहे। हड़ताल के दौरान कई नए कूड़ा प्वाइंट भी बन गए जहां लोगों ने बेकार सामान के साथ पशुओं का गोबर डाल दिया।
लंबित मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे सफाई और दमकल कर्मचारियों ने सोमवार को घंटाघर पर सरकार का पुतला फूंककर रोष जताया। दमकल कर्मचारी यूनियन के जिला प्रधान अजय श्योराण ने कहा कि 13 मई को सरकार के साथ समझौता हुआ था। इसमें सरकार ने कर्मचारियों की मांगें मान ली थीं लेकिन आज तक उन्हें लागू नहीं किया गया। सरकार ने डेढ़ महीने का समय मांगा था लेकिन करीब तीन महीने बीत चुके हैं। इसी के विरोध में नगर परिषद के सफाई और अग्निशमन कर्मचारी हड़ताल पर हैं।
अजय श्योराण ने बताया कि हड़ताल के पांचवें दिन कूड़ा उठान कर्मचारियों ने भी समर्थन दिया। इससे शहर में जगह-जगह जमा कचरे की उठान नहीं हो सकी। नगर परिषद सफाई कर्मचारी यूनियन के नेता पुरुषोत्तम दानव ने बताया कि 11 अगस्त को रोहतक में पूरे हरियाणा की कन्वेंशन होगी। इसमें आंदोलन की आगामी रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने मांगें लागू नहीं कीं तो हड़ताल को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ाया जा सकता है।
13 मई का समझौता लागू करने की मांग
हरियाणा नगर पालिका कर्मचारी संघ के राज्य सचिव पुरुषोत्तम दानव ने कहा कि कर्मचारियों ने एक मई से आंदोलन शुरू किया था। इससे पहले फायर ब्रिगेड कर्मचारियों ने भी आंदोलन किया था। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार ने हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की ठेका प्रथा बंद कर उन्हें वेतन सूची पर लाया था लेकिन वर्ष 2014 के बाद एक भी कर्मचारी को नियमित नहीं किया गया। एक भी सीवरमैन को पक्का नहीं किया गया।
उन्होंने कहा कि 13 मई को हुए समझौते को भी लागू नहीं किया गया है। सरकार से समझौते को पूरी तरह लागू करने और ठेका प्रथा बंद करने की मांग की जा रही है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों से हुए हर समझौते के दौरान मंत्री कृष्ण बेदी मौजूद रहे लेकिन समझौते आज तक लागू नहीं हुए। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं हुईं तो कर्मचारी पूरे हरियाणा में काम बंद कर देंगे।