कोसली पुलिस ने आईजी के आदेश पर 15 दिन बाद एक गैंगरेप के मामले में दो महिलाओं समेत चार युवकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। गौरतलब है कि घटना 3 सितंबर की है। इस विषय में डीएसपी ने जांच से पहले ही मामला झूठा बता दिया था और मेडिकल रिपोर्ट कुछ और ही कह रही थी।
मामला नाहड़ चौकी पुलिस का है। 15 दिन पहले नाबालिग को चार युुवक दो महिलाओं की मदद से स्कूल से बहलाफुसलाकर सुनसान जगह ले गए और उसके साथ गैंग रेप किया। परिजनों ने कोसली पुलिस को मामले की शिकायत दी। आरोप है कि पुलिस ने बेटी की बदनामी की दुहाई देकर और आरोपियों से साठगांठ कर परिजनों को टरका दिया। इसके बाद परिजनों ने आईजी से न्याय की गुहार लगाई।
आईजी के आदेश पर 15 दिन बाद मामला दर्ज हुआ। क्षेत्रीय पुलिस के टालमटोल पर पीड़ित परिवार एसपी से भी मिला था। वहां से भी जांच का आश्वासन मिला। सप्ताह बीतने के बाद भी जांच नहीं हुई। 17 सितंबर को आईजी ने किशोरी का मेडिकल करवाया। इसमें नाबालिग के साथ दुष्कर्म की पुष्टि पुष्टि हुई थी। आरोप है कि इसके बावजूद पुलिस ने दो दिन तक मामला दर्ज नहीं किया था। 19 सितंबर को आईजी से फिर शिकायत होने के बाद ही मामला दर्ज किया।
ब्लैकमेल कर करते थे रेप
पुलिस को दिए बयान में लड़की ने बताया कि आरोपी चारों युवक उसके साथ पिछले काफी दिन से उसके साथ बलात्कार करते आ रहे थे। वह किसी से न बताए इसलिए दो महिलाओं की मदद से कोरे कागज पर दस्तखत करवाने के साथ ही जबरन उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें भी खींच ली थीं। इसके साथ ही किसी से कहने पर परिवार को मारने की धमकी भी देते थे। कोसली थाना इंचार्ज सुरेंद्र यादव का कहना है कि विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपियाें की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।