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घोषणाओं में आगे, अमल में पीछे

Mon, 26 Oct 2015 12:58 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला भिवानी
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भिवानी। राज्य में भाजपा सरकार का एक साल पूरा हो गया। दो दफा मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर भिवानी आए और खूब घोषणाएं की। मगर, अमल में शासन-प्रशासन फिसड्डी साबित हुए। कुछ घोषणाओं का बजट आने के बाद भी प्रशासन उन्हें अमल नहीं कर पाया।
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शहर की प्रमुख 15 घोषणाओं पर अभी तक काम शुरू नहीं हो पाया है। न तो बाइपास का अभी कुछ पता है और न ही कन्या स्कूल के लिए जगह फाइनल हुई। शहर की खस्ताहाल सड़कों को दुरुस्त करने के लिए बजट तो मंजूर हुआ, अस्टीमेट भी बना और टेंडर भी छोटे गए, मगर अभी निर्माण कार्य शुरू होने का इंतजार है।
घोषणाओं की जमीनी हकीकत
1. घोषणा : गत वर्ष दिसंबर में शहर में नया कन्या स्कूल का ऐलान
वस्तुस्थिति : अब तक जगह तलाश नहीं कर पाया शासन-प्रशासन
2. घोषणा : विवि व मेडिकल कॉलेज प्रोजेक्ट
वस्तुस्थिति : विवि के लिए हालांकि जगह के चयन की घोषणा तो हो चुकी है, लेकिन अभी शिलान्यास नहीं हो पाया है। सीएम मेडिकल कॉलेज को हरी झंडी दे चुके हैं। पर, अभी जमीन फाइनल नहीं हुई है।
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3. घोषणा : चरखी दादरी उपमंडल को जिले का दर्जा
वस्तुस्थिति : अपने चुनावी घोषणा पत्र का मुख्य वादा चरखी दादरी को जिले का दर्जा साल बीतने के बाद भी पूरा नहीं हो पाया। नए जिले की संभावनाओं पर मंथन के लिए सरकार ने मंत्रियों की समिति गठित जरूर की, लेकिन इससे आगे मामला नहीं बढ़ पाया।
4. घोषणा : ठोस कूड़ा निस्तारण प्लांट :
वस्तुस्थिति : प्रशासन ने बवानीखेड़ा में जगह तो फाइनल की है मगर उसके बाद से वहां कोई काम नहीं हुआ है।
5. घोषणा : सांगा माइनर के पुर्ननिर्माण
वस्तुस्थिति : सांगा राजवाहे के पुर्ननिर्माण को भी मंजूरी दी गई व पालुवास माइनर को भी दुरुस्त कराने को कहा।  स्थिति अब भी जस की तस।
6. घोषणा : सड़कों का जीर्णोद्धार
वस्तुस्थिति : सीएम की घोषणा के बाद 60 करोड़ की घोषणा के तहत सड़कों के टेंडर हुए है मगर अभी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। शहर की सड़कों के लिए हुई 10 करोड़ की घोषणा के तहत अभी सड़कों का डिटेल एस्टीमेट तैयार करवाया जा रहा है।
7. घोषणा : बंद जोहड़ों पर बनेगी झील
वस्तुस्थिति :  हनुमान जोहड़ी, डोभी तालाब, मूलचंद का जोहड़, बिछवाना जोहड़ सहित अन्य जोहड़ों पर पार्क, झील व दार्शनिक स्थल बनाने पर भी सीएम ने सहमति दी थी। घोषणा के बाद से अब तक धरातल पर कोई काम नहीं हुआ है।
8. घोषणा : चालू कराएंगे मिल्क प्लांट :
वस्तुस्थिति : बंद पड़े मिल्क प्लांट को चालू करने की घोषणा सीएम ने 18 जुलाई की जनसभा में की। मगर घोषणा के बाद से इसे चालू कराने के लिए कोई काम नहीं हुआ है।
9. घोषणा : दो नए अंडरपास
वस्तुस्थिति : कृष्णा कॉलोनी रेलवे फाटक और तोशाम बाइपास ओवरब्रिज के पास अंडर पास बनाने की घोषणा अभी एक कदम भी आगे नहीं बढ़ा।
10. घोषणा : फाइलों में उलझा सिंथेटिक ट्रैक
वस्तुस्थिति :
कांग्रेस सरकार के वादे के बाद भाजपा सरकार ने घोषणा की। फाइलों में घूम रही है घोषणा। अभी काम शुरू होने का इंतजार है।
11. घोषणा : नया बाईपास
वस्तुस्थिति : कांग्रेस राज की इस अपूर्ण घोषणा को खट्टर सरकार ने पूरी कराने की घोषणा की। कागज-पत्र के बाहर जमीन पर अभी कुछ नहीं है।
ये प्रोजेक्ट अभी पेंडिंग में हैं
* शहर में जेबीटी संस्थान।
* रोहतक रोड से ढाणा रोड तक छोटे बाइपास का निर्माण।
* सेक्टर-21 व 26 में संयुक्त सीवर ट्रीटमेंट प्लांट
* बामला में 33 केवी का बनेगा सब स्टेशन।
* अवैध कॉलोनियां होंगी वैध, पूरा होगा विकास।
* चार स्कूलों का अपग्रेडेशन
उपलब्धि : टेल तक पहली बार पहुंचा पानी
भाजपा सरकार विकास कार्यो में तो पीछे रही, लेकिन लोगों के लिए सुखद बात यह रही कि अरसे से सूखी कई नहरों में पानी बहा। लोहारू, बहल क्षेत्र की कई नहरों में मुद्दत बाद टेल तक पानी पहुंचा। किसानों को इसका लाभ मिला और जिस समय पानी की जरूरत हुई उस समय फसलों में नहरी पानी की सिंचाई कर सके।
विपक्ष बोला, नहीं हुए कोई काम
लोहारू से इनेलो विधायक ओमप्रकाश बड़वा का कहना है कि खट्टर सरकार बिजली, पानी देने में विफल साबित हुई है। केवल रेट बढ़ाकर लोगों पर अनावश्यक भार डाल दिया है जबकि बिजली, पानी के लिए हाहाकार मचा है। पूरे क्षेत्र में सड़के बदहाल है। कहीं भी कोई सड़क ऐसी नहीं है जो सही सलामत हो। नौकरशाही बेलगाम है। लोग अपने छोटे छोटे काम के लिए धक्के खाने को मजबूर है। कहीं कोई भ्रष्टाचार में कमी नजर नहीं आ रही है। जब खराब फसलों की गिरदावरी ही सही नहीं हुई तो मुआवजा सही कैसे मिलेगा? अगर सही मुआवजा मिला होता तो किसानों को आंदोलन नहीं करना पड़ता।
चरखी दादरी से इनेलो विधायक राजदीप सिंह का कहना है कि भाजपा  सरकार चरखी दादरी हलके  को कुछ नहीं दे पाई है। चाहे जिले का मुददा हो या सीसीआई सीमेंट फैक्ट्री चालू करने की बात हो सरकार एक कदम आगे नहीं बढ़ पाई है। विधायक ने कहा कि चरखी दादरी  में सभी काम अधूरे पड़े है।  रेलवे अंडर पास के लिए महज साढ़े तीन करोड़ की बात है  अगर सरकार का मंत्री व सीएम चाहे तो एक कलम से रेलवे अंडरपास का निर्माण संभव है।
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