भिवानी। जाट आरक्षण की मांग को लेकर चल रहा जाम का सिलसिला लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। दिल्ली के बाद अब रोहतक, चंडीगढ़, हरिद्वार, देहरादून, गुड़गांव जाने वाली बसों के पहिये भी थम गए। रोडवेज कर्मचारी ही नहीं प्राइवेट बसों के संचालक भी इन रूटों पर बस चलाने की हिम्मत नहीं जुटा पाये। दिल्ली जाने वाली सभी ट्रेनें रद कर दी गई है। यानी कुल मिलाकर मंगलवार का दिन यात्रियों के लिए खासी परेशानी भरा रहा। यात्री ही नहीं फल-सब्जियों, दूध की गाड़ी नहीं आने से खाद्य पदार्थों के दाम भी बढ़ने लगे है।बस सर्विस: सुबह नौ बजे से पहले तो एक-दो बसें रोहतक के लिए रवाना हुई मगर भाली और फिर लाहली के नजदीक जाम लगते ही इस रूट पर भी बसों के पहिये थम गए। नई दिल्ली, रोहतक के अलावा चंडीगढ़, गुड़गांव जाने वाली बसें भी नहीं चली। पानीपत, देहरादून जाने वाली सभी बसें रद की गई। दिनभर बसें बस स्टैंड पर खड़ी रही। गुड़गांव, दिल्ली, चंडीगढ़ व अन्य लंबे रूट की बसें नहीं चलने से रोडवेज को ज्यादा घाटा हुआ। गुड़गांव रूट से करीब डेढ़ लाख का नुकसान हुआ तो दिल्ली रूट से करीब तीन लाख चंडीगढ़ रूट से करीब 50 हजार, देहरादून जाने वाली बस के एक राउंड से करीब 30 हजार का नुकसान हुआ। करीब पांच-छह लाख से ज्यादा का नुकसान हुआ।बसों के किस रूट के कितने चक्कर हुए रददिल्ली 29 चक्करगुड़गांव 30 चक्कररोहतक 8 चक्कर लोकल
रेलवे: दिल्ली जाने वाली सभी ट्रेनें रददिल्ली के साथ पानीपत जाने वाली वाली ट्रेनें भी रद कर दी गई है। एकता एक्सप्रेस, गोरखधाम, सिरसा, दिल्ली-भिवानी पैसेंजर, पानीपत ट्रेनों को रद कर दिया गया है। हालांकि कालिंदी एक्सप्रेस को वाया रेवाड़ी दिल्ली के लिए रवाना किया गया। फल-सब्जी हुई महंगीसड़क जाम होने के कारण फल-सब्जियों के दामों में भी खासी बढ़ोतरी हुई है। कुछ सब्जियों के दाम डबल हो गए है तो लगभग सभी सब्जियों, फलों में 10 से 20 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बढ़ोतरी देखी जा रही है। अगर हड़ताल एक-दो दिन और चलती है तो स्थिति ज्यादा गंभीर हो सकती है।क्या है फल-सब्जियों के दामप्रति किलो पहले अबसेव 80 रुपये 120 रुपयेटमाटर 20 रुपये 40 रुपयेअदरक 50 रुपये 80 रुपयेहरी मिर्च 40 रुपये 60 रुपयेनींबू 60 रुपये 80 रुपये--------परेशानी यात्रियों की जुबानी* भिवानी में एक शादी समारोह में आए थे मगर यहां फंस गए है। दिल्ली जाने के लिए न ट्रेन है न बस। एक-दो प्रावइेट गाड़ियां जा रही है मगर किराया डबल मांग रहे है। उसमें भी गारंटी नहीं की पूरा पहुंचाएंगे। जाम हुआ तो रास्ते में छोड़ेंगे।पदमा वर्मा, यात्री
* दिल्ली जाना था मगर रास्ते बंद है। किसी को जरूरी जाना हो तो क्या करें। सरकार को कोई व्यवस्था करनी चाहिए ताकि आम आदमी को परेशनी न हो।अमृत कौर, सवारी
* विरोध का और भी तरीका हो सकता है। अब आम जन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसी के लिए जाना इमरजेंसी भी हो सकता है।सुरेंद्र यात्री
* जाम ने तो परेशान कर दिया है। अब समझ नहीं आ रहा कि क्या करें। जरूरी जाना था। प्राइवेट साधन भी नहीं जा रहे है।शेर सिंह
* हड़ताल के नाम पर आमजन को परेशान किया जा रहा है। सरकार को मसले का कोई हल निकालना चाहिए ताकि आमजन को परेशानी न हो। मुकेश
वर्जन:::कालिंदी एक्सप्रेस को वाया रेवाड़ी निकाला गया है। उसके अलावा बाकी सभी दिल्ली जाने वाली ट्रेनें रद कर दी गई है।राधेश्याम मीणा, स्टेशन अधीक्षकवर्जन::गुडग़ांव, दिल्ली, रोहतक जाने वाली बसें नहीं चली। चंडीगढ़, हरिद्वार बसें भी नहीं चली। जाम के कारण बसें नहीं चली। यात्रियों को परेशानी हुई है, रोडवेज को भी घाटा हुआ है।उदयवीर दूहन, महाप्रबंधक, रोडवेज