हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड।
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भिवानी। प्रदेशभर में हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा (एचटेट) के परीक्षार्थियों से परीक्षा पास कराने के बदले रुपये मांगने के फोन करीब 200 किलोमीटर दूर बिहार से आ रहे थे। फर्जीवाड़े में जो अकाउंट नंबर प्रयोग किया जा रहा था, वह भिवानी की ही एसबीआई ब्रांच का है। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है। वहीं अभ्यर्थियों का डाटा ठगों के पास कैसे पहुंचा यह हर किसी के लिए बड़ा सवाल है और बोर्ड अधिकारी भी इसकी जांच में जुटे हैं।
उल्लेखनीय है कि पिछले पांच-छह दिनों से अध्यापक पात्रता परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों के पास फोन आ रहे थे। जिनमें उन्हें कहा जा रहा था कि आप तीन नंबर से एचटेट परीक्षा पास नहीं कर पाए हैं। अगर आप पास होना चाहते हैं तो 30 हजार रुपये लगेंगे। ऐसे फोन वीरवार को भी कुछ लोगों के पास आए। वीरवार को पांच अंक बढ़ाने के बदले 10 हजार की मांग की गई। इसमें पांच हजार पहले और पांच हजार अंक बढ़ने के बाद देने की बात कही गई। दिनभर यह मुद्दा सोशल मीडिया पर भी छाया रहा। वहीं बोर्ड अधिकारियों ने 18 जनवरी को इस संदर्भ में पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखा था। जिसके बाद जांच हुई तो पाया कि करीब 200 किलोमीटर दूर बिहार से फोन कर एचटेट परीक्षा में पास कराने के बदले रुपये मांगे जा रहे थे। जांच में यह भी सामने आया कि ठग जो अकाउंट नंबर दे रहे थे वह एसबीआई भिवानी शाखा का ही है।
कहां से लीक हुआ डाटा, जांच में जुटे बोर्ड अधिकारी
बेशक मामले की शिकायत पुलिस को दी गई है मगर बोर्ड अधिकारी अपने स्तर पर भी जांच करवा रहे हैं कि आखिर अभ्यर्थियों का डाटा लीक कहां से हुआ। अभ्यर्थियों का डाटा बोर्ड अधिकारियों के अलावा कुछ एजेंसियों और फार्म आवेदन करने वाले साइबर कैफे, रोल नंबर निकलवाने वाले साइबर कैफे पर भी रहा है। एजेंसियों की बात करें तो आवेदन फार्म लेने वाली, बायोमैट्रिक वेरिफिकेशन करने वाली एजेंसी के पास भी डाटा था।
वर्जन:::
मामले की जांच की जा रही है कि डाटा कहां से लीक हुआ। वहीं पुलिस अधीक्षक को भी इस संदर्भ में शिकायत दी हुई है। जिसमें पाया है कि बिहार से फोन कर रुपये मांगे गए हैं। हमने अपने स्तर पर परिणाम की बेहतर तरीके से जांच करवाई है और नंबर बढ़ने या बढ़वाने की किसी तरह की कोई संभावनाएं नजर आई। यह सिर्फ ऑन कॉल ठगी का ही खेल था।
- प्रो. जगबीर सिंह, चेयरमैन हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड