भिवानी। एंटी करप्शन विभाग में नौकरी लगवाने का झांसा देकर ढाई लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। बुधवार को एक विधवा ने अपने बेटे के साथ लघु सचिवालय पहुंचकर एसपी को इस संबंध में शिकायत सौंपी। महिला ने आरोप लगाया कि फर्जी नियुक्ति पत्र थमाया गया। जब पोल खुली और पैसे वापस मांगे तो अब उन्हें धमकियां मिल रही हैं।
एसपी को दी शिकायत में गांव गुजरानी निवासी कृष्णा ने बताया कि उसके पति तेजपाल की मौत हो चुकी है। उसका बेटा विक्रम बारहवीं पास है और बेरोजगार है। महिला ने आरोप लगाया कि उनकी जान-पहचान में एक परिवार है, जिसने साजिश के तहत उसके बेटे को नौकरी लगवाने का झांसा दिया और फिर इस एवज में ढाई लाख रुपये मांगे। आरोपियों ने उसके बेटे को एंटी करप्शन विभाग में सरकारी नौकरी लगवाने के लिए ढाई लाख रुपये मांगे थे। 22 मार्च को घर पर ही उसने अपने पति के बहनोई सुरेश की मौजूदगी में बेटे से ढाई लाख रुपये दिला दिए। नवंबर माह में उसके बेटे को लिखित परीक्षा दिलाने के लिए मेरठ ले जाया गया। जहां एक कमरे में उसके बेटे से कुछ सवाल हल कराए गए और फिर उसे वापस घर भेज दिया। उसके बेटे विक्रम की पुलिस वेरीफिकेशन भी कराई गई और इसके बाद उसके बेटे को एक ज्वाइनिंग लेटर थमाकर मेरठ मुख्यालय भेजा गया। लेकिन जब उसका बेटा मेरठ मुख्यालय पहुंचा तो वहां पर दर्शाये पते पर एंटी करप्शन का कोई ऑफिस नहीं था। ज्वाइनिंग लेटर और पुलिस वेरीफिकेशन भी फर्जी पाई गई। इसके बाद जब आरोपियों से पैसे वापस मांगे तो मां बेटे को जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़ित महिला ने एसपी को इस संबंध में लिखित शिकायत देकर नौकरी का झांसा देकर ढाई लाख रुपये की ठगी करने वाले व्यक्ति और उसकी पत्नी और दो बेटों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की है।