ढिगावामडी। गांव पहाड़ी स्थित प्रसिद्ध पहाड़ी माता मंदिर के कथित आभूषण चोरी मामले में आरोपी पूर्व सुपरवाइजर आशीष कुमार की न्यायिक हिरासत मंगलवार को फिर 14 दिन के लिए बढ़ा दी गई। पहले से जारी न्यायिक हिरासत की अवधि पूरी होने के बाद आरोपी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से न्यायालय में पेश किया गया।
जानकारी के अनुसार एसडीजेएम लोहारू न्यायालय के न्यायाधीश के अवकाश पर होने के कारण पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई। सुनवाई के दौरान मंदिर के आभूषणों और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं पर आरोपी से पूछताछ की गई। इसके बाद न्यायालय ने आशीष कुमार को दोबारा 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जिला जेल भिवानी भेजने के आदेश दिए।
इससे पहले पुलिस ने आरोपी को तीन दिन के रिमांड पर लिया था। रिमांड अवधि के दौरान पुलिस ने उसकी निशानदेही पर चांदी के कई बर्तन, मंदिर से संबंधित सामान और करीब ढाई लाख रुपये नकद बरामद किए थे। लोहारू थाना पुलिस के अनुसार गांव पहाड़ी निवासी नरेश कुमार की शिकायत और गठित जांच समिति की सिफारिश के आधार पर मामला दर्ज किया गया था। पुलिस मंदिर के आभूषणों से संबंधित बिल, खरीद-फरोख्त के दस्तावेज, टैक्स रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
संवाद न्यूज एजेंसी
ढिगावामडी। गांव पहाड़ी स्थित प्रसिद्ध पहाड़ी माता मंदिर के कथित आभूषण चोरी मामले में आरोपी पूर्व सुपरवाइजर आशीष कुमार की न्यायिक हिरासत मंगलवार को फिर 14 दिन के लिए बढ़ा दी गई। पहले से जारी न्यायिक हिरासत की अवधि पूरी होने के बाद आरोपी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से न्यायालय में पेश किया गया।
जानकारी के अनुसार एसडीजेएम लोहारू न्यायालय के न्यायाधीश के अवकाश पर होने के कारण पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई। सुनवाई के दौरान मंदिर के आभूषणों और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं पर आरोपी से पूछताछ की गई। इसके बाद न्यायालय ने आशीष कुमार को दोबारा 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जिला जेल भिवानी भेजने के आदेश दिए।
इससे पहले पुलिस ने आरोपी को तीन दिन के रिमांड पर लिया था। रिमांड अवधि के दौरान पुलिस ने उसकी निशानदेही पर चांदी के कई बर्तन, मंदिर से संबंधित सामान और करीब ढाई लाख रुपये नकद बरामद किए थे। लोहारू थाना पुलिस के अनुसार गांव पहाड़ी निवासी नरेश कुमार की शिकायत और गठित जांच समिति की सिफारिश के आधार पर मामला दर्ज किया गया था। पुलिस मंदिर के आभूषणों से संबंधित बिल, खरीद-फरोख्त के दस्तावेज, टैक्स रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।