शहर के दिनोद गेट से देवसर चुंगी रेलवे फाटक तक के मार्ग को फोरलेन बनाने का प्रोजेक्ट दो विभागों के असमंजस में फंसा है। दरअसल इस मार्ग का अस्टिमेट पास हो चुका है और बजट को भी मंजूरी मिल चुकी है।
मगर बीएंडआर और जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों में असमंजस के कारण इसका काम शुरू नहीं हो पाया। असमंजस की स्थिति यहां बनने वाले बरसाती पानी निकासी के प्लांट को लेकर है।
बीएंआर के अधिकारी असमंजस है कि यहां से खाखी बाबा मंदिर क्षेत्र के बरसाती पानी निकासी के लिए लाइन डाली जानी है। मगर जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि हमें इस मार्ग पर कोई लाइन नहीं डालनी।
दिनोद गेट से देवसर चुंगी रेलवे फाटक तक वाहनों की अधिक संख्या, भीड़ भाड़ को देखते हुए इसे फोरलेन बनाने का प्रपोजल तैयार किया गया था। सरकार ने प्रपोजल को मंजूरी भी दे दी।
बजट भी पास हुआ। लोगों को आस थी कि जल्द ही मार्ग निर्माण शुरू होगा मगर मंजूरी के तीन महीने बाद भी मामला लटका है। मामला लटकने का कारण है जनस्वास्थ्य विभाग और बीएंडआर में असमंजस।
असमंजस बरसाती पानी निकासी की लाइन डालने को लेकर है। बीएंडआर ने मार्ग निर्माण का काम इसलिए शुरू नहीं किया कि उन्हें लगा कि लाइन डालने के कारण सड़क तोड़ी जाएगी। वहीं जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें यहां कोई लाइन नहीं डालनी है।
वर्जन::
दिनोद गेट से देवसर चुंगी फाटक तक के मार्ग को फोरलेन बनाने का प्रस्ताव मंजूर हो चुका है। बजट भी पास हो चुका है। वहां जनस्वास्थ्य विभाग को कुछ लाइनें डालनी है। लाइनें डलने के बाद मार्ग को फोरलेन बनाया जाएगा।
पीके बागड़ी, एक्सईएन
बीएंडआर
वर्जन:::
खाकी बाबा क्षेत्र में होने वाले जलभराव के लिए बरसाती पानी निकासी की व्यवस्था करनी है। इसके लिए 163 लाख का प्रोजेक्ट है। जल्द ही टेंडर होंगे। इसके तहत खाकी बाबा मंदिर से दिनोद गेट तक नई लाइन डाली जाएगी। इसके बाद फाटक से आगे राइजिंग मेल बनाई जाएगी। देवसर चुंगी पर बने डिस्पोजल में ही अतिरिक्त मोटरें लगाई जाएंगी। दिनोद गेट से देवसर चुंगी फाटक तक हमें कही कोई खुदाई नहीं करनी और बीएंडआर सड़क बना सकता है। इस बारे में वे बीएंडआर अधिकारियों से भी बातचीत करेंगे।
राज कुमार मुंझाल, एसडीओ
जनस्वास्थ्य विभाग