चार दोस्तों ने साथ दूध बेचने का काम शुरू किया और चारों एक साथ ही सालासर में बालाजी हनुमान मंदिर के दर्शन को निकले और रविवार को लोहारू के गिगनाऊ में हुए हादसे में तीन दोस्तों की एक साथ मौत हो गई। जबकि चौथा घायल है और पीजीआई रोहतक में उसका उपचार चल रहा है। पुलिस ने तीनों दोस्तों के शवों को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। मृतकों में उपेंद्र की शादी महज 10 महीने पहले ही हुई थी जबकि बाकी दो दोस्तों की मौत से उनके बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया।
उल्लेखनीय है कि गिगनाऊ के पास रविवार दोपहर कार और पिकअप में टक्कर हो गई थी। जिसमें गाजियाबाद के लोनी निवासी 38 वर्षीय कमलेश, 35 श्यामबीर और 27 वर्षीय उपेंद्र की मौत हो गई थी जबकि उदित जोशी घायल हो गया था। कमलेश और श्यामबीर के शवों का लोहारू और उपेंद्र के शव का भिवानी में पोस्टमार्टम हुआ। शवों को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। मृतक उपेंद्र की 10 माह पहले ही शादी हुई थी। हादसे के बाद तीनों मृतकों के परिजन सदमे में है और उनका रो-रोकर बुरा हाल। कमलेश और श्यामबीर के बच्चे भी हैं।
नहीं मिली एंबुलेंस सुविधा : हादसे के तुरंत बाद पुलिस कंट्रोल रूप में हादसे की सूचना देकर पुलिस और एंबुलेंस की मदद मांगी गई थी। मगर करीब आधे घंटे तक मदद नहीं मिली। हालांकि इस दौरान आसपास के लोग एकत्रित हुए और कड़ी मशक्कत के बाद चारों को खिड़की तोड़कर बाहर निकाला गया। वहां से गुजर रहे एक शिक्षक राजेंद्र ने बताया कि वहीं पर खड़ी एक पिकअप और सरपंच की गाड़ी की सहायता से घायलों को उपचार के लिए भेजा गया। अगर समय पर एंबुलेंस सुविधा और प्राथमिक उपचार मिलता तो शायद दो की जान बचाई जा सकती थी। स्वास्थ्य विभाग को चाहिए भिवानी-लोहारू मार्ग के बीच किसी प्वाइंट पर एंबुलेंस और प्राथमिक उपचार की सुविधा मुहैया करवाई जाए। यहां ज्यादा हादसे होते हैं।