जयपुर से रेलवे जीएम आनंद प्रकाश शुक्रवार दोपहर अपने अमले के साथ भिवानी रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करने पहुंचे। जीएम के पहुंचते ही स्थानीय अधिकारियों-कर्मचारियों की सांसें फूल गई। जीएम ने किचन की खामियों पर कर्मचारियों लताड़ा भी।
शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे उत्तर पश्चिमी रेलवे जयपुर से महाप्रबंधक आनंद प्रकाश 22 बोगी की ट्रेन से भिवानी जंक्शन पर निरीक्षण के लिए करीब साढ़े तीन सौ कर्मचारियों व अधिकारियों के अमले के साथ पहुुंचे। जीएम ने सबसे पहले प्लेटफार्म नंबर एक ट्रेन रुकते ही रेलवे कर्मचारी कॉलोनी का रुख किया। जहां पर पार्कों और स्टाफ क्वार्टरों की व्यवस्थाएं जांची।
विधायक घनश्याम सर्राफ ने रेलवे स्टेशन पर छोटे रेहड़ी, रिक्शानुमा वाहनों के लिए फुट ओवरब्रिज और दूसरे छोर पर बसी कॉलोनियों के लिए रेलवे स्टेशन के दूसरी तरफ टिकट विंडो की मांग रखी तो जीएम का रवैया भी सकारात्मक दिखा और कहा कि फिजिब्लिटी जांच इन्हें करवाया जाएगा। जीएम ढाई घंटे तक भिवानी रेलवे स्टेशन पर रुके। यहां के बाद तोशाम बाईपास पर डबल फाटक पर बनने वाले आरओबी और बवानीखेड़ा रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया।
आधा किलो आटे से 40 लोगों का खाना बनाती मिली कर्मी
रनिंग रूम की रसोई के अंदर जीएम पहुंचे तो खाना बनाने की तैयारी हो रही थी। यहां महिला कुक से जीएम ने पूछा कि यहां कितने लोगों का खाना बनाया जाता है तो कर्मी चुप रही। दोबारा सवाल किया तो भी कोई जवाब नहीं दिया। जिसके बाद एक अन्य कर्मचारी ने जवाब दिया कि 40 लोगों का। महिला कुक के आगे रखी आटे की परात के अंदर आधा किलो आटा ही गुथा था। आटा देखकर जीएम ने पूछा कि इतने आटा में कैसे 40 लोगों का खाना बनेगा। फिर खाना बनाने और बर्तन एक ही जगह धोने पर भी कर्मचारियों को लताड़ा। जीएम और उनके साथ आए दल ने भी अलग-अलग जाकर व्यवस्थाएं जांची।
सिटी स्टेशन को मिले स्टेशन का दर्जा, एक्सप्रेस ट्रेनों का भी हो ठहराव
रेलवे जीएम के समक्ष भिवानी रेजीडेंस वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान रामकिशन शर्मा, सुभाष वर्मा, डॉ. फूल सिंह ने सिटी स्टेशन को भी स्टेशन का दर्जा दिलाने और यहां पर एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग रखी। इस मांग को लेकर 12 कॉलोनियों व आसपास के पांच गांवों के ग्रामीण भी सांसद धर्मबीर से मिल चुके हैं।
वहीं दैनिक रेल यात्री एवं जन-कल्याण संघ के प्रधान महावीर डालमिया ने रेलवे जीएम के समक्ष एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव, ट्रेनों के विस्तार की मांग को लेकर मांग पत्र सौंपा। महाबीर डालमिया ने बताया कि मिटीर गेज के समय सिरसा-हिसार-भिवानी-रेवाड़ी-गुरूग्राम के लिए हरियाणा एक्सप्रेस ट्रेन चलती थी, उसे दोबारा से चलाया जाए। भिवानी-कालका गाड़ी को स्वतंत्र बनाकर चलाया जाए, फूलेरा-रिंगस से चलकर रिवाड़ी आने वाली ट्रेनों में से एक सवारी गाड़ी का भिवानी-हिसार तक विस्तार किया जाए। भिवानी-लोहारू लाइन का निर्माण करवाया जाए। इसके अलावा भी अन्य मांगे रखी गई।
रोजाना ढाई हजार स्कूली बच्चे फाटक के नीचे से गुजरते हैं
जीतुवाला जोहड़ क्षेत्र रेलवे फाटक संख्या 52-सी पर आरओबी की मांग करने वाले महापंचायत प्रतिनिधियों कैप्टन राजेश सिंह, पूर्व पार्षद शिव कुमार ने जीएम को मांग पत्र सौंपते हुए बताया कि लाइनपार से रोजाना ही ढाई हजार बच्चे रेलवे फाटक के नीचे से निकलकर रेलवे पटरियों से होते हुए स्कूल जाते हैं। उनके परिजनों को हर समय चिंता रहती है। शहर की करीब 60 हजार घरों की आबादी व 12 गांवों का दायरा रेलवे लाइन के पार है। यह ओवरब्रिज जल्द बनवाया जाए।
सर, मेरा पति बीकानेर है, मैं छोटे बच्चों के साथ यहां कर रही हूं नौकरी
जीएम के समक्ष महिला जेबीटी टीचर मनीषा देवी ने भी अपनी समस्या रखी और बताया कि मेरा पति वेदप्रकाश बीकानेर मंडल कार्यालय में डिवीजन क्लर्क है। जबकि मैं यहां जेबीटी टीचर हूं। मेरे छोटे बच्चे हैं, पति काफी दूर नौकरी कर रहा है। उसका तबादला यहां कराए तो आपकी मेहरबानी होगी। इस पर जीएम ने साथ आए डीआरएम को इस मामले में निर्देश दिए।
देश की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं हैं, फिर भी रेल बजट में इस बार रेल यात्री सुविधाएं बढ़ेंगी, नई लाइनों के लिए पैसा ज्यादा नहीं रहेगा। रेल यात्रियों से किसी भी इलाके से कोई भेदभाव नहीं किया जाता, उनके समक्ष भिवानी की जो समस्याएं रखी गई हैं, उनका निराकरण कराया जाएगा।
- आनंद प्रकाश, महाप्रबंधक, उत्तर पश्चिमी रेलवे जयपुर।