भिवानी। सरकार को टैक्स का बड़ा हिस्सा भुगतान करने वाला व्यापारी वर्ग अपने सम्मान की लड़ाई भी लड़ रहा है। व्यापारियों के मुखर मुद्दों के बीच पांच साल बीत चुके हैं, लेकिन अब फिर से मतदाता प्रत्याशियों से वही सवाल कर रहे हैं। ऐसे में प्रत्याशियों को भी अपनी पार्टी के घोषणा पत्र के अलावा मतदाताओं को साधने के लिए उनके बीच पहुंच भरोसा दिलाने में जुटे हैं। शहर का व्यापारी वर्ग भी विधानसभा (विस) चुनाव में सक्रिय भागीदारी के लिए तैयार है। भिवानी विस क्षेत्र में त्रिकोणीय मुकाबले के बीच हार-जीत का पेच फंसा है। भाजपा, माकपा-कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) प्रत्याशी के बीच सीधी टक्कर है।
नगर व्यापार मंडल के तहत भिवानी के करीब 22 व्यापारिक एसोसिएशन जुड़ी हैं, जिनमें शहर के सभी वर्गों से व्यापार करने वाले लोग जुड़े हैं। इस वर्ग के लोगों का मानना है कि पांच सालों तक व्यापारी शांति से व्यापार करने और सुरक्षा के साथ मूलभूत सुविधाओं की मांग भी करता रहा है। अब चुनाव है तो फिर से नेता यही राग अलाप रहे हैं, लेकिन इस बार व्यापारी सोच समझकर सरकार चुनेगा।
भिवानी विधानसभा क्षेत्र में 2,36,537 मतदाता हैं। इनमें 1,23,902 पुरुष और 1,12,632 महिलाएं शामिल हैं। जातीय समीकरणों के मुताबिक भिवानी में ब्राह्मण, वैश्य, राजपूत और पंजाबी मतदाता सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। इन सभी जातियों से प्रत्याशी भी चुनावी मैदान में डटे हैं। हालांकि अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग का रुझान परंपरागत रूप से प्रत्याशी की हार-जीत भी निश्चित करेगा। क्योंकि इस वर्ग में 35 फीसदी से अधिक मतदाता हैं। फिलहाल चुनावी मैदान में उतरे प्रत्याशी अपनी जीत के लिए जीतोड़ मेहनत में जुटे हैं।
व्यापारी मांग रहा सुरक्षा और मूलभूत सुविधा : भानुप्रकाश शर्मा
नगर व्यापार मंडल के अध्यक्ष भानुप्रकाश शर्मा का कहना है कि भिवानी विस क्षेत्र में सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा भी शहरी आबादी की मूलभूत सुविधाओं और व्यापारियों की मांगों का है। व्यापारी को सुरक्षा चाहिए। सरकार जो भी कर और जीएसटी लगाए लेकिन लालफीताशाही खत्म होनी चाहिए। व्यापारी मूलभूत सुविधाएं चाहते हैं। लघु सचिवालय में भी व्यापारियों के लिए एक ऐसी जगह निश्चित हो जहां वे बैठकर प्रशासन से सीधी बात कर सकें।
व्यापारियों के लिए शांतिपूर्वक और सुरक्षित माहौल व्यापार के लिए चाहिए। अगर व्यापारी कर भुगतान के बाद भी सुरक्षित और सम्मान नहीं पा सकेगा तो फिर सरकार का क्या फायदा। व्यापारी वर्ग चुनाव में बढ़चढ़कर भागीदारी निभाता है। हमें ऐसे नेता को चुनना होगा जो व्यापारी हितों के लिए न केवल संसद में आवाज उठाए, बल्कि उनकी मूलभूत जरूरतों को भी समझे और उनका तत्परता से समाधान कराए। -बिहारीलाल मित्तल, व्यापारी।
पिछले चुनाव में ये रही थी स्थिति
पिछले विस चुनाव में भाजपा के घनश्याम सर्राफ ने 1,30,190 मत यानी करीब 60 फीसदी वोट पाकर जीत दर्ज की थी जबकि जजपा के डॉ. शिवशंकर भारद्वाज 33,820 मत लेकर दूसरे स्थान पर रहे थे। यहां कांग्रेस के प्रत्याशी अमर सिंह 18,682 वोट ही ले सके थे। लगातार तीन कार्यकाल से यहां भाजपा का कमल खिलाकर घनश्याम सर्राफ ही विधायक बनते रहे हैं। अब जीत का चौका लगाने के लिए वह फिर से चुनावी मैदान में मजबूती से डटे हैं। ऐसे में माकपा-कांग्रेस के साझा उम्मीदवार कामरेड ओमप्रकाश और आप की प्रत्याशी इंदु शर्मा भी उनके गढ़ तो तोड़ने के लिए जीतोड़ प्रयास में जुटे हैं। फिलहाल चुनाव प्रचार जोरों पर है, लेकिन मतदाता चुप हैं।
भिवानी विस क्षेत्र में जीते विधायक
विधायक का नाम साल
भगवान देव 1967
बीडी गुप्त 1968
बीडी गुप्त 1972
ठाकुर बीर सिंह 1977
सागरराम गुप्ता 1982
बीडी गुप्त 1987
रामभजन अग्रवाल 1991
रामभजन अग्रवाल 1996
चौ. बंसीलाल 2000
डॉ. शिवशंकर भारद्वाज 2005
घनश्याम सर्राफ 2009
घनश्याम सर्राफ 2014
घनश्याम सर्राफ 2019
तीन योजनाओं में यहां से विधायक रहते हुए मैंने भिवानी जिले में विकास कार्य कराए हैं। मेडिकल कॉलेज भिवानी को मिला है। यूनिवर्सिटी भिवानी में बनी है। चार से पांच पुल परियोजनाएं भी मेरे कार्यकाल में शहर को मिली हैं। सड़कों का जीर्णोद्धार हुआ है। शहर की बाहरी कॉलोनियों में डी प्लान के तहत भी काम कराए गए हैं। जलघर के अंदर टैंक निर्माण से लेकर शहर में 91 करोड़ रुपये के बजट से पानी और सीवर लाइन भी डाली गई है। अब बची हुई परियोजनाओं को पूरा कराना और लोगों की मूलभूत जरूरतों को पूरा कराने का काम करेंगे। -घनश्याम सर्राफ, भाजपा प्रत्याशी, निवर्तमान विधायक, भिवानी।
हमारे एजेंंडे में लोगों को भयमुक्त शासन देना, पुरानी पेंशन बहाली कराना, कर्मचारी, व्यापारी, कमेरे और किसान की बेहतरी के लिए काम करना रहेगा। पार्टी ने जो छह वायदे किए हैं, उन्हें पूरा किया जाएगा। भाजपा शासनकाल में लोगों को मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिली हैं, इसलिए हमको हर तबके और लोगों के साथ धरने, प्रदर्शन तक करने पड़े हैं। जनता ने हमें मौका दिया तो उनकी सुविधाओं के लिए प्राथमिकता से काम करेंगे। -कामरेड ओमप्रकाश, प्रत्याशी, माकपा-कांग्रेस।
आप ने दिल्ली की सूरत बदल दी है, उसी हिसाब से भिवानी जैसे पिछड़े क्षेत्र में भी उसी दर्ज पर हम विकास कराएंगे। भाजपा ने केवल लोगों से झूठे वायदे किए हैं। हम धरातल पर लोगों के बीच रहकर काम कराएंगे। हमारा मकसद राज का हिस्सा बनना नहीं, बल्कि जनता का सेवक बनकर काम करना है। पार्टी ने जो घोषणाएं की हैं, उन सबको प्राथमिकता से पूरा किया जाएगा। -इंदु शर्मा, प्रत्याशी, आप।