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पहले दिन नई व्यवस्था को समझने में उलझे रहे कर्मचारी, नहीं हुई रजिस्ट्री

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कार्यालय में रजिस्ट्री के बारे में पूछताछ करते लोग। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : Bhiwani
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प्रदेशभर में लॉकडाउन के दौरान रजिस्ट्रियों में हुई गड़बड़ी की आशंकाओं के चलते प्रतिबंध के बाद सोमवार को ग्रामीण क्षेत्र की रजिस्ट्रियां खोल दी गई। लेकिन भिवानी तहसील कार्यालय में पहले दिन कर्मचारी नई व्यवस्था को समझने में ही उलझे रहे। वहीं ब्लड रिलेशन यानी खून के रिश्ते में पिता से बेटे के नाम रजिस्ट्री के लिए ऑनलाइन एक रजिस्ट्रेशन हुआ, मगर दिनभर सिस्टम नहीं चलने की वजह से एक भी रजिस्ट्री नहीं हो पाई। रजिस्ट्रियों में गड़बड़झाले की आशंका के चलते प्रदेश भर में रजिस्ट्रियों की जांच चल रही है। वहीं भिवानी तहसील में लॉकडाउन के दौरान तीन माह में करीब सवा सात सौ रजिस्ट्रियां हुईं थीं। जो फिलहाल जांच के दायरे में हैं।
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गौरतलब होगा कि प्रदेशभर में बड़े स्तर पर रजिस्ट्रियों के घोटाले सामने आने के बाद से ही हड़कंप मचा हुआ है। भिवानी तहसील कार्यालय में भी रजिस्ट्रियों पर पाबंदी लगा दी गई थी। लेकिन 17 अगस्त को ग्रामीण क्षेत्र की रजिस्ट्रियों की अनुमति दी गई थी। पहले टोकन सिस्टम से तहसील कार्यालय में रजिस्ट्रियां की जा रही थी। इसमें भूमि खरीद और विक्रेता रजिस्ट्री कराने के लिए पहले राजस्व विभाग से ऑनलाइन टोकन हासिल करते थे, इसके बाद उनके कागजातों की जांच होती और फिर रजिस्ट्री के लिए आगे की प्रक्रिया शुरू की जाती थी। लेकिन अब टोकन की बजाए ऑनलाइन अप्वाइंटमेंट लेना अनिवार्य कर दिया है। कोई भी ग्रामीण क्षेत्र की रजिस्ट्री के पहले ऑनलाइन अप्वाइंटमेंट के लिए रजिस्ट्रेशन होगा और उसके बाद उसकी रजिस्ट्री की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सोमवार को तहसील कार्यालय में डीड से एक रजिस्ट्री जो खून के रिश्ते में होने के लिए एक ही अप्वाइंटमेंट आया था, मगर दिनभर कर्मचारी कंप्यूटर पर साइट में माथापच्ची करने में जुटे रहे, मगर शाम तक भी साइट के जरिए ऑनलाइन एक भी रजिस्ट्री नहीं हो पाई। रजिस्ट्री कराने के लिए तहसील कार्यालय में काफी लोगों की भीड़ उमड़ी थी, मगर सभी लोग निराश ही घर लौट गए। क्योंकि पहले दिन कर्मचारियों को भी सिस्टम समझ नहीं आया और वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन रजिस्ट्री का सिस्टम भी नहीं चला। ऐसे में दिनभर लोग तहसील कार्यालय में ही डटे रहे।
शहरी दायरे की रजिस्ट्रियों पर अभी भी प्रतिबंध
रजिस्ट्री घोटाले के उजागर होने के बाद फिलहाल शहरी दायरे की भूमि खरीद बिक्री पर पूरी तरह से पाबंदी लगी हुई है। भिवानी तहसील सहित अन्य तहसील कार्यालयों में शहरी दायरे की भूमि पर कोई भी रजिस्ट्री नहीं की जा रही है। ये प्रतिबंध राजस्व निदेशालय या सरकार से कोई आगामी आदेश नहीं आने तक रहेगा। शहरी दायरे में रजिस्ट्रियां कराने के लिए दर्जनों लोग रोजाना ही पूछताछ के लिए चक्कर लगा रहे हैं। क्योंकि भू माफिया और अवैध कोलोनाइजरों की नजर शहरी दायरे के आसपास की भूमि की रजिस्ट्रियां कराने पर ही टिकी हुई है।
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वर्जन-
सोमवार को ग्रामीण क्षेत्र की रजिस्ट्री के लिए केवल एक ही अप्वाइंटमेंट हुआ था, मगर सिस्टम नहीं चलने की वजह से कोई रजिस्ट्री नहीं हो पाई। फिलहाल नए सिस्टम को समझ रहे हैं, इसके बाद ही ऑनलाइन रजिस्ट्रियों को नियमों के अनुसार किया जाएगा। शहरी दायरे में कोई रजिस्ट्री नहीं की जा रही है।
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- मोहनलाल तहसीलदार, भिवानी तहसील।
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