भिवानी। शुक्रवार रात करीब साढ़े आठ बजे के बाद अचानक चिनार फैब्रिक फैक्टरी में लगी भीषण आग पर काबू पाने में करीब साढ़े दस घंटे लग गए। भिवानी व आसपास के जिलों की करीब 30 से अधिक दमकल की गाड़ियों ने पानी भरने के लिए भी सौ से अधिक चक्कर लगाए। आग बिजली के शॉर्ट सर्किट से लगी बताई जा रही है।
आग जब तक शांत हुई तब तक फैक्टरी का मुख्य शेड ध्वस्त हो चुका था। वहीं अधिकांश हिस्से में मशीन, गोदाम में रखा माल भी राख हो चुका था। आग पर काबू पाने के लिए शुक्रवार देर रात तक रोहतक, झज्जर, सांपला, नारनौंद, हांसी, हिसार, दादरी, महम, सिवानी, लोहारू, बाढ़डा से भी दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। शुक्रवार सुबह दस बजे तक फैक्टरी की आग से रह-रहकर धुआं उठता रहा।
भिवानी के औद्योगिक सेक्टर में चिनार फैब्रिक में शुक्रवार रात करीब साढ़े आठ बजे अचानक ही बिजली के शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। इसकी सूचना दमकल विभाग को दी। दमकल की गाड़ी करीब पौने घंटे बाद पहुंची। इसके बाद आग लगातार भड़कती चली गई। जब तक आसपास के जिलों से दमकल की गाड़ियां पहुंची तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी और लपटें फैक्टरी के शेड से भी काफी ऊंचाई तक उठने लगी।
भीषण आग के बाद फैक्टरी के अंदर मौजूद सभी कारीगर भी बाहर की तरफ दौड़ पड़े। वहीं दमकल कर्मचारियों ने ही आग पर काबू पाने के लिए मोर्चा संभाला। लेकिन कपड़ा फैक्टरी के अंदर लगी आग इतनी तेजी से फैली कि उस पर काबू पाना मुश्किल हो गया। दमकल कर्मचारियों को मुख्य शेड में आग पर काबू पाने के लिए अंदर तक जाने के लिए दो जगह दीवार भी तोड़नी पड़ी। लेकिन आग की वजह से मुख्य शेड भी ध्वस्त हो गया। शेड नीचे गिरने के बाद तो आग बुझाना और भी मुश्किल हो गया। क्योंकि उसके नीचे मशीनरी और गोदाम में रखा करोड़ों का माल भी राख हो गया।
घटना की निष्पक्ष जांच की उठाई मांग, सरकार से भी मिले क्षतिपूर्ति
कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी जिला कमेटी भिवानी के सचिव व विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी कामरेड ओमप्रकाश ने चिनार फैब्रिक फैक्टरी में आग की घटना की निष्पक्ष जांच कर आग के कारणों का पता लगाने की मांग की है। उन्हें रात को 10 बजे घटना स्थल पर पहुंचने के बाद पता लगा कि फायर ब्रिगेड की गाड़ियां पहले बहुत कम आई और गाड़ियों में पानी भरकर लाए और उनमें आग बुझाने का केमिकल भी नहीं था। फव्वारों का प्रेशर भी नहीं बन पा रहा है, फायर ब्रिगेड का महकमा वर्तमान चुनौतियों से निपटने में सक्षम नहीं है। संबंधित सक्षम कर्मचारियों व गाड़ियों की भारी कमी है। हालांकि जिला उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, स्थानीय विधायक मौके पर हाजिर थे। पूरा सामान जलने के बाद ही आग शांत हुई है। उन्होंने बीमा कम्पनी मालिकों को क्षतिपूर्ति का पूरा मुआवजा देने और सरकार भी मालिकों व परिसर में काम करने वाले मजदूरों का काम छीनने के लिए न्यायोचित मुआवजा देने की मांग की है।
बड़ी औद्योगिक इकाइयों में भी पूरे नहीं आग से सुरक्षा के मानक
भिवानी में औद्योगिक सेक्टर 21 और 26 में करीब साढ़े तीन सौ से अधिक लघु उद्योग व कपड़ा उद्योग हैं। लेकिन अधिकांश के पास आग से सुरक्षा के मानक ही पूरे नहीं हैं। अगर फायर सेफ्टी के मानक पूरे होते तो शायद इतनी भीषण आग का सामना नहीं करना पड़ता। दमकल आने में जो देरी हुई, उसकी भरपाई शायद फायर सेफ्टी मानक होने पर पूरी हो सकती थी। औद्योगिक सेक्टरों की बड़ी और लघु इकाइयों के पास दमकल विभाग से भी फायर सेफ्टी की एनओसी नहीं है। इससे भी भविष्य में इस तरह की घटनाओं का दोहराव हो सकता है।
चिनार फैब्रिक में बिजली के शॉर्ट सर्किट से आग लगी है। आग पर काबू पाने के लिए भिवानी सहित आसपास के जिलों से भी दमकल पहुंची हैं। सभी उद्योगों व संस्थानों के लिए आग से सुरक्षा के मानकों का पूरा होना बेहद जरूरी है। आग की सूचना के बाद से ही सभी शिफ्टों के कर्मचारियों को आपात स्थिति में बुलाया गया था और सभी दमकल गाड़ियां चालू हालत में हैं, जिनकी वजह से आग पर काबू पाया गया।
-लेखराम, जिला दमकल अधिकारी, आपातकालीन सेवाएं एवं दमकल विभाग भिवानी।