बवानीखेड़ा में ट्रक से खाद उतारते किसान।
बवानीखेड़ा। गांव बलियाली में यूरिया खाद के लिए हुए हंगामे के सात दिन बाद वीरवार को गांव बलियाली में फिर खाद पहुंची। इस बार 425 कट्टों के बजाय 800 बैग पहुंचे। यूरिया का सही वितरण करने के लिए इस बार मौजूदा सरपंच सहित पूर्व सरपंच दोनों पर्ची बनाकर देते रहे। इस बार 202 किसानों को यूरिया मिली। खाद बांटते समय बलियाली-बवानीखेड़ा मार्ग पर एक घंटे तक यातायात भी प्रभावित हुआ। बलियाली में 23 जनवरी को यूरिया के 425 कट्टे बांटे गए थे। इसमें से कुछ किसानों को 25 तो कुछ किसानों को 20 कट्टे मिले थे। इसके लिए बलियाली के पैक्स केंद्र पर हंगामा हुआ था। इसके एक सप्ताह बाद गुरुवार को दो ट्रक में यूरिया के 800 कट्टे पहुंचे।
खाद की पर्ची सही ढंग से बांटी जाए। इसके लिए मौजूदा सरपंच सचिन सरदाना और पूर्व सरपंच सरपंच सुरेश रंगा ने पर्ची कटवाने का जिम्मा संभाल लिया। लाइन में लगे प्रत्येक किसान को खाद के टोकन मिले। शाम तक कुल 202 किसानों को यूरिया के 800 कट्टे बांटे गए।
यूरिया के लिए मारामारी, एक घंटे में बंटे 550 कट्टे
बवानीखेड़ा। कस्बे में किसानों को यूरिया खाद के लिए मारामारी करनी पड़ रही है। खाद बिक्री केंद्र के प्रतिनिधियों ने बताया कि 550 कट्टे आए थे, जो एक घंटे में ही बांट दिए गए। किसानों ने खाद की पूर्ति बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने उनकी मांग को जल्द पूरा नहीं किया तो किसानों को आंदोलन करना पड़ेगा। किसान नरेंद्र, सतबीर, महेंद्र, रमेश ने बताया कि उनकी गेहूं, जौ और बरसीम की फसल में यूरिया की जरूरत है लेकिन क्षेत्र में मांग से काफी कम खाद आ रही है। किसानों को लंबी लाइनों में लगकर घंटों बाद खाद मिल पा रही है। यूरिया लेने के लिए किसानों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इससे सरकार के वादे भी धूमिल होते दिखाई दे रहे हैं। इस बारे में खाद वितरकों ने बताया कि मिला यूरिया किसानों को बांट दिया गया है। इसकी मांग और भेजी गई है। खाद विभाग से आपूर्ति होते ही किसानों को खाद बांटी जा रही है।