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गड़बड़झाला : बिना झराई हो रही सरकारी कट्टों में गेहूं की भराई

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नई अनाजमंडी में बिना झराई के सरकारी कट्टों में भराई करते मजदूर। संवाद - फोटो : Bhiwani
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संजय वर्मा
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भिवानी। जिला मुख्यालय की मंडी में बिना झराई के सरकारी कट्टों के अंदर गेहूं की भराई का खेल खुलेआम चल रहा है। बिना सफाई के कचरा मिलावटी वाले गेहूं के कट्टे एफसीआई के गोदामों तक भी पहुंच रहे हैं।
गेहूं की सरकारी खरीद का यह शुरुआती दौर है, अभी लाखों मीट्रिक टन गेहूं मंडी में आना बाकी है। बिना झराई के गेहूं की हो रही भराई के गड़बड़झाले का इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि एफसीआई के गोदाम पहुंचे प्रत्येक ट्रक से 20 से 25 कट्टे आढ़तियों के प्रतिष्ठानों पर वापस भेजे जा रहे हैं।
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भिवानी जिला मुख्यालय की मंडी सहित 11 मंडियों में हैफेड, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, एचडब्ल्यूसी गेहूं की सरकारी खरीद कर रही हैं। सभी एजेंसियों द्वारा खरीदा गया गेहूं सीधा एफसीआई के गोदामों में पहुंच रहा है। भिवानी जिला मुख्यालय की मंडी में अब तक खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की एजेंसी करीब 40 हजार कट्टों की खरीद कर चुकी है, जबकि हैफेड अब तक मात्र चार हजार कट्टे ही गेहूं खरीद पाई है। एफसीआई के गोदामों में जिले भर से अब तक करीब नौ हजार गेहूं के कट्टे स्टॉक में लग चुके हैं। खरीद एजेंसियों का गेहूं खरीद का लक्ष्य पिछले साल हुई खरीद से दस फीसदी अधिक निर्धारित किया हुआ है, लेकिन लक्ष्य के मुताबिक इस बार शायद ही सरकारी खाते में गेहूं की खरीद हो। मगर जो गेहूं खरीद हो रहा है, उसमें भी बिना झराई का खेल चल रहा है।
सेहत के लिए नहीं सही
सरकार जिस गेहूं की खरीद कर रही है, उसकी गुणवत्ता भले ही सही है, लेकिन इसकी सफाई नहीं होने की वजह से इसके साथ सरकारी कट्टों में भरे जा रहे बथुआ व अन्य पौधों के बीज इस गेहूं को सीधे खाने लायक नहीं बना रहे हैं, क्योंकि ये बीज किसी भी व्यक्ति की सेहत बिगाड़ सकते हैं। विशेषज्ञों की मानें तो इन बीजों को अच्छी तरह साफ करने के बाद ही गेहूं की भराई कराई जाए तो बेहतर है। वहीं मंडी में पड़ा सूखा कचरा भी गेहूं के साथ सरकारी कट्टों के अंदर भरा जा रहा है।
मंडी में सफाई नहीं, सड़क पर पड़ा गेहूं
भिवानी मंडी में सफाई का कार्य ठेके पर दिया है, लेकिन ठेकेदार की सफाई संतोषजनक नहीं। गेहूं मंडी में सड़कों पर पड़ा है। मंडी में काम करने वाले मजदूर खुद मान रहे हैं कि यहां सफाई नहीं है, जिसकी वजह से सूखे कचरे पर ही गेहूं उतर रहा है। ये कूड़ा भी सरकारी कट्टों के अंदर पहुंच रहा है। (संवाद)
ठीक से सफाई नहीं करा रहे आढ़ती
आढ़ती मंडी में गेहूं की ठीक से सफाई नहीं करा रहे हैं। इस बार गेहूं का दाना भी कुछ कमजोर है, जिसकी वजह से एफसीआई के गोदामों से गेहूं वापस आ रहा है। इस बारे में हमने हरियाणा कृषि विपणन बोर्ड अधिकारियों को लिखा है। सरकार की सख्त हिदायतें हैं कि गेहूं की अच्छी तरह सफाई के बाद ही भराई कराई जाए। मगर कुछ आढ़ती ऐसा नहीं कर रहे हैं, जिसकी वजह से ये दिक्कत आ रही है।
-अनुराग गुप्ता, जिला प्रबंधक हैफेड।
सफाई हो रही है
जोन स्तर पर मंडियों में सफाई का ठेका दिया हुआ है। रोजाना सुबह मंडी में सफाई कराई जा रही है। देर रात तक मंडी चालू रहती है। इसलिए शाम तक कचरे के ढेर लग रहे हैं। मंडी सुपरवाइजर भी मॉनीटरिंग के लिए लगाया है, इस कार्य में और सुधार के निर्देश दिए जाएंगे।
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-हीरालाल, कार्यकारी अधिकारी एवं सचिव, हरियाणा कृषि विपणन बोर्ड भिवानी।
बिना साफ किया गेहूं खाने लायक नहीं
गोदाम में लगने से पहले यहां पहुंचे हर कट्टे में परखी से गेहूं की गुणवत्ता जांच कराई जा रही है। प्रत्येक ट्रक में 20 से 25 कट्टे रिजेक्ट होकर वापस भेजे जा रहे हैं। इनमें गेहूं के साथ पालक व बथुआ के अत्यधिक बीजों की मिलावट व अधिक नमी होने की समस्या आ रही है। अब तक हमारे गोदामों में करीब नौ हजार गेहूं के कट्टे लग चुके हैं। गेहूं अगर साफ नहीं होगा तो ये खाने लायक नहीं होगा।
-चेतन यादव, सहायक तकनीकी अधिकारी, एफसीआई भिवानी।
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