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कितलाना टोल पर डटे किसान, डीसी बोले- अवरुद्ध करने पर कार्रवाई होगी

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सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते कितलाना टोल के धरने पर बैठे किसान। संवाद - फोटो : Bhiwani
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भिवानी। तीनों कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली ट्रैक्टर परेड में हुई हिंसा के बाद नजारा बदला-बदला नजर आ रहा है। जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है और उपायुक्त जयबीर सिंह आर्य ने सभी विभागों के अधिकारियों की बैठक कर अपने-अपने विभागों में निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। जरूरत पड़ी तो जिले में धारा 144 लागू की जाएगी। टोल प्लाजा अवरुद्ध करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई। वहीं किसान धरने पर डटे हैं। हालांकि बुधवार को अन्य दिनों की अपेक्षा धरने पर उपस्थिति कम रही। इसका कारण बताया जा रहा है कि दिल्ली गए किसान देरी से लौटे।
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टोल प्लाजा को अवरुद्ध करने पर होगी कार्रवाई
किसान आंदोलन के चलते जिला में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए उपायुक्त जयबीर सिंह आर्य की अध्यक्षता में बुधवार को संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में उपायुक्त ने पुलिस प्रशासन को निर्देश दिए कि वे किसी प्रकार से गड़बड़ी न होने दें और कानून अपने हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करें।
उपायुक्त आर्य ने कहा कि सभी अधिकारी अपने-अपने कार्यालयों में चौकीदारों को मुस्तैद करें। यदि वहां पर रात या अवकाश के दिन किसी प्रकार की घटना होती है या असामाजिक तत्व शरारत करता है तो चौकीदार उसके बारे मेें तुरंत अपने अधिकारी या पुलिस प्रशासन को सूचित करें। इसी प्रकार से हरियाणा राज्य परिवहन डिपो में भी पूरी निगरानी व सावधानी बरती जाए। उन्होंने कहा कि डिपो के मुख्य गेट पर कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाए।
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उपायुक्त ने निर्देश देते हुए कहा कि जिला में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरत पड़ी धारा 144 लागू की जाएगी। पुलिस प्रशासन व राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जिले में पड़ने वाले टोल प्लाजा पर निगरानी रखें। टोल प्लाजा किसी तरह से अवरुद्ध न हों। अवरुद्ध करने वालों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त ने पुलिस प्रशासन को निर्देश देते हुए कहा कि ट्रैक्टर आदि पर डीजे की तरह साउंड सिस्टम नहीं लगा होना चाहिए और यदि किसी ट्रैक्टर पर ऐसा मिलता है तो उसके खिलाफ चालान की कार्रवाई की जाए। इस दौरान एसडीएम भिवानी महेश कुमार, तोशाम के एसडीएम मनीष फौगाट, लोहारू के एसडीएम जगदीश चंद्र व सिवानी के एसडीएम लक्ष्मीनारायण, उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय वीरेंद्र सिंह, जीएम रोडवेज जेएस दून, सभी तहसीलदार व नायब तहसीलदार और पंचायत विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
वर्जन-
पुलिस पूरी तरह अलर्ट है। गश्त बढ़ाई गई है। सभी सार्वजनिक स्थानों पर निगरानी रखी जा रही है। किसी को भी कानून व्यवस्था नहीं बिगाड़ने दी जाएगी।
- अजीत शेखावत, पुलिस अधीक्षक
आंदोलन रहेगा जारी, ऐतिहासिक किसान परेड के लिए जताया आभार
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर गणतंत्र दिवस के दिन ऐतिहासिक किसान परेड में बढ़-चढ़कर भाग लेने पर विभिन्न खाप, सामाजिक, कर्मचारी व किसान संगठनों ने क्षेत्रवासियों का आभार जताया। कितलाना टोल पर चल रहे अनिश्चितकालीन धरने पर वक्ताओं ने कहा कि ट्रैक्टर मार्च के बाद किसान परेड में उमड़े जन मानस ने सरकार को आइना दिखा दिया है। वक्ताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री को स्वयं आगे आकर तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने के साथ एमएसपी की गारंटी देने के लिए संसद के बजट सत्र में घोषणा करनी चाहिए।
धरने की अध्यक्षता नरसिंह डीपीई, बलवंत नंबरदार, रणधीर कुंगड़, मा. राजसिंह, गंगाराम श्योराण, राजू मान, सुभाष यादव ने की। उन्होंने कहा कि पुलिस ने कल कई जगह किसान परेड में न केवल व्यवधान डाला अपितु लाठीचार्ज और आंसू गैस का प्रयोग किया, जो बेहद निंदनीय है। लोकतंत्र में लाठी-गोली के दम पर जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता है। इन घटनाओं के बावजूद किसानों ने शांतिपूर्ण ढंग से किसान परेड निकाल सरकार को चेताने का काम किया।
वक्ताओं ने कहा कि लालकिले के घटनाक्रम में सरकारी षड्यंत्र की बू आ रही है। उनके अनुसार इतिहास में पहली बार लाखों ट्रैक्टरों पर एक साथ फहराते तिरंगे ने देश की शान बढ़ाई है। उन्होंने कहा कि हमारे आंदोलन में हिंसा का कोई स्थान नहीं है। जो कोई ऐसा कृत्य करेगा वो हमारा हितैषी नहीं हो सकता और उससे हमारा कोई नाता नहीं होगा। पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रणसिंह मान ने कहा कि किसान परेड ने सरकार को दिखा दिया है कि कोई भी ताकत देश के अन्नदाताओं को झुका नहीं सकती। मंच संचालन कामरेड ओमप्रकाश ने किया। इस अवसर पर सुरजभान सांगवान, सुरेश फौगाट, धर्मेन्द्र छपार, बलबीर बजाड़, कमलेश भैरवी, बीरमति डोहकी, कृष्णा सांगवान, रामफल देशवाल, शब्बीर हुसैन, राजबीर बोहरा, अजित सांगवान, शमशेर सांगवान, मंगल सुई, दिलबाग ढुल, प्रेम सिंह, सुरजभान मंदोली, सूबेदार सतबीर, पूर्व सरपंच समुंद्र सिंह, राजेंद्र घिकाड़ा आदि मौजूद थे।
किसान नेता बोल-
गणतंत्र दिवस पर दिल्ली के लाल किला पर हुई घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। यह घटना किसानों का आवरण ओढ़कर एक सोची समझी साजिश के तहत किया गया है। जो किसान भूख प्यास को सहकर पिछले 65 दिनों से विभिन्न बॉर्डरों पर बैठे थे वो कभी नहीं चाहेंगे कि उनका आंदोलन या किसान बिरादरी बदनाम हो। अगर किसान लाल किले पर ध्वज फहराते तो वो तिरंगा फहराते। किसी धार्मिक झंडा नहीं फहराते। संयुक्त मोर्चा के नेता जो फैसला लेंगे उसी के मुताबिक आगे की रणनीति तय करेंगे।
- दयानंद पूनिया, नेता, संयुक्त किसान मोर्चा
लाल किले पर जिसने झंडा फहराकर देश की गरिमा को नुकसान पहुंचाया है, वह सरकार का आदमी है। किसानों से उसका कोई लेना-देना नहीं है। किसान मूवमेंट को बदनाम करने के उद्देश्य से ऐसा करवाया गया है। उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
- कामरेड ओमप्रकाश, किसान नेता
किसान आंदोलन में हिंसा का कोई स्थान नहीं है। संयुक्त किसान मोर्चा में उन लोगों का कोई स्थान नहीं है जो हिंसा करते है। आंदोलन शांतिपूर्वक चल रहा है। वे हिंसा करने वालों को आंदोलन के नजदीक तक नहीं आने देंगे।
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- नर सिंह सांगवान, किसान नेता

अधिकारियों की बैठक में निर्देश देते उपायुक्त जयबीर सिंह आर्य। संवाद- फोटो : Bhiwani

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