भिवानी। रात के समय तापमान में गिरावट आने से किसानों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं वहीं ठिठुरन से आम जनजीवन भी ठिठुर गया है। वीरवार को न्यूनतम तापमान में एक डिग्री की गिरावट दर्ज की गई जबकि शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 6.8 डिग्री दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान भी 9 डिग्री तक आ पहुंचा है। अधिकतम तापमान में भी काफी गिरावट आई है। इसकी वजह से ठंड का सितम भी बढ़ गया है।
वहीं किसानों की फसलों को लेकर भी कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे पाले से बचाव के लिए फसलों में हल्की सिंचाई करें। लेकिन इस समय नहरों में पानी बंद हो गया है। अधिकतर किसान इस बार अपनी फसलों की नहरी पानी से सिंचाई भी नहीं कर पाए हैं, जिसके बाद भूमिगत जल पर ही किसानों की निर्भरता बढ़ गई है। पाला से बचाव के लिए कृषि वैज्ञानिक भी रात के समय धुआं करने की सलाह दे रहे हैं। वहीं पिछले एक सप्ताह से सूर्य देव के भी दर्शन नहीं हुए हैं। धूप नहीं खिलने से फसलों में भी इसका बुरा प्रभाव पड़ने की आशंका बनी है। लगातार तीन से चार दिन धूप नहीं निकलना फसलों के लिए सेहतमंद होने के संकेत नहीं हैं। हालांकि किसान हल्की सिंचाई कर फसलों को मौसम की मार से बचाने के प्रयास में लगे हैं।
मौसम की वजह से अभी फसलों में कोई नुकसान नहीं है। मौसम में अब परिवर्तन की एडवाइजरी भी जारी हुई है। इससे उम्मीद है कि हल्की बारिश होती है तो फसलों को इसका फायदा मिलेगा। वहीं किसानों को अगर किसी तरह की समस्या आती है तो वे संबंधित खंड कृषि अधिकारी से संपर्क कर सुझाव ले सकता है।
-डॉ विनोद फौगाट, कृषि उपनिदेशक, भिवानी।