आढ़ती द्वारा बनाई गई कच्ची पर्ची जिसमें किसान की क्विंटल पर चार किलोग्राम काटा गया है।
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तोशाम। अनाज मंडी में किसानों के साथ मूंग की खरीद में चार किलोग्राम प्रति क्विंटल कांटा काटकर मोटा चूना लगाया जा रहा है। किसानों से मूंग में नमी ज्यादा होने, झार लगाने के दर से काटा जा रहा है। पीड़ित किसान इस बारे में कुछ भी नहीं बोल रहा है। वहीं बढ़ा हुआ मूंग कहा जा रहा है, यह भी एक जांच का विषय है। किसान की मानें तो मंडी में दो से तीन व्यापारी मूंग खरीद रहें है और जमींदार के सामने काटा काटने की कंडीशन लगा रहे हैं।
एक अक्तूबर से मंडियों में मूंग व बाजरे की खरीद शुरू की गई थी। जिसके तहत जिन किसानों ने अपनी बाजरे व मूंग पोर्टल पर ऑनलाइन करवाई थी। उसके अनुसार ही बाजरा व मूंग किसानों से खरीदी जा रही है। लेकिन किसान की माने तो बाजरे को तो सभी आढ़ती ले रहे हैं मगर मूंग लेने में आढ़ती आनाकानी करते हैं। किसान फसल बेचने के चक्कर में मजबूर है। मंडी में मूंग बेचते समय किसान को करीब 250 से 280 रुपये का प्रति क्विंटल के हिसाब से नुकसान हो रहा है। किसान ने नाम न लिखने की शर्त पर बताया कि किसान मजबूर है और उसको इस तरह उनको काफी नुकसान हो रहा है।
ऐसे हो रहा है घालमेल, जांच की दरकार
किसानों की फसल बेचते समय कांटा काटा जाना हर बार का मामला है। सरसों की बिक्री के समय भी दो किलोग्राम कांटा काटा गया था। मीडिया में मामला छाया तो कटौती बंद की गई। इस बार फिर से मूंग की फसल में किसानों का कांटा चार किलोग्राम प्रति क्विंटल काटा जा रहा है। किसान को पक्की पर्ची की जगह सफेद पर्ची पर हिसाब लिखकर दिया जाता है।
ये बोले किसान नेता
भारतीय किसान यूनियन के युवा प्रदेशाध्यक्ष रवि आजाद ने बताया कि नियमानुसार मंडी में आढ़ती किसी प्रकार का कांटा नहीं काट सकता। मार्केट कमेटी तुरंत प्रभाव से इस मामले में संज्ञान ले और आढ़तियों को इस बारे में नोटिस जारी करें। अगर किसी किसान के साथ गलत हो रहा है तो वे मार्केट कमेटी में इसकी लिखित शिकायत दें। फिर भी कार्रवाई नहीं होती तो भाकियू आंदोलन करेगी।
इस बारे में वेयर हाऊसिंग के परचेजर सुरेंद्र सिंह ने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा है तो गलत है।